हरदोई/ शाहाबाद। किशोरी को बहलाकर ले जाने के आरोपी के शाहाबाद कोतवाली में फंदा लगाकर खुदकुशी कर लेने के बाद जमकर हंगामा हुआ। रविवार रात पंचनामा होने तक और फिर पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले जाते समय शाहाबाद कोतवाली के सामने परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
मृतक के पिता की तहरीर पर विवेचक, यूपी 112 के दो पुलिसकर्मी, किशोरी के परिजनों और अज्ञात पुलिसकर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचक वरुण शुक्ला और निरीक्षक शिवगोपाल को एसपी ने निलंबित भी कर दिया है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम में फंदा लगाकर खुदकुशी किए जाने की बात सामने आई है। डीएम से मुआवजा और एक शख्स को नौकरी का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने चले गए।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने बीती 28 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि गांव निवासी रवि सिंह राजपूत उसकी बेटी (16) को बहलाकर साथ ले गया है। दावा है कि पुलिस टीम ने किशोरी और आरोपी रवि सिंह राजपूत को खोज लिया। 29 अगस्त से रवि शाहाबाद कोतवाली में था।
रविवार शाम लगभग 7:30 बजे वह हवालात से निकलकर मुंशी के बैठने वाले स्थान के पास गैलरी में स्थित शौचालय में गया था। यहीं उसने कंबल की किनारी फाड़कर बनाई रस्सी से फंदा लगा लिया। पुलिस कर्मियों ने उसे देखा और सीएचसी ले गए। सीएचसी में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण कोतवाली के बाहर एकत्र हो गए। रवि की हत्या किए जाने का आरोप लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस सबके बीच पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बातचीत की। इसके बाद पुलिस कर्मियों से घटना के बारे में पूछताछ करने के साथ ही कुछ अभिलेख भी देखे। परिजनों की मांग पर उन्होंने तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
मृतक के पिता रामराज की तहरीर पर विवेचक (उपनिरीक्षक) वरुण कुमार शुक्ला, यूपी 112 के दो पुलिसकर्मियों, किशोरी के परिजनों और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस दौरान मृतक के परिजन लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठे रहे। आधीरात के बाद लगभग तीन बजे पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम होने के बाद शव गांव ले जाते समय परिजनों और ग्रामीणाें ने फिर से कोतवाली के सामने जाम लगा दिया। परिजन शव लेकर कोतवाली के अंदर घुसने लगे। इस दौरान भीड़ और कई पुलिस अधिकारियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। शव रखकर परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा, एक परिजन को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। डीएम अनुनय झा भी मौके पर पहुंचे। यथासंभव सभी सहयोग किए जाने के आश्वासन पर परिजन माने और शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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शव लेकर भाग जाने की अफवाह से बिगड़ी बात, संभालने में बीत गई पूरी रात
रवि राजपूत की मौत हो जाने के बाद हालात यूं ही नहीं बिगड़े। शव लेकर पुलिसकर्मियों के भाग जाने की अफवाह से बात बिगड़ती चली गई। अफवाह को अफवाह साबित करने में पूरी रात बीत गई। मृतक के पिता रामराज का दावा है कि कोतवाली में तैनात मंजेश नाम के पुलिसकर्मी ने उसे फोन पर बताया था कि रवि बीमार है। रामराज ने कहा था कि बारिश बंद हो जाने पर आ जाएंगे। रामराज सीएचसी पहुंचा तो उसे रवि की मौत की जानकारी मिली। रामराज के साथ आए परिजनों का कहना था कि पुलिसकर्मी सीएचसी से रवि का शव लेकर भाग गए। हकीकत यह थी कि शव को हरदोई मोर्चरी में रखे जाने के लिए ले जाया जा रहा था। शव लेकर भाग जाने की अफवाह फैली ताे फिर पुलिसकर्मी शव लेकर वापस कछौना सीएचसी पहुंचे। इस पर परिजनों ने आरोप लगा दिया कि पुलिस कर्मी शव फेंककर भाग गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। रात में 12:30 बजे रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सुबह लगभग पौने तीन बजे एसडीएम शाहाबाद अंकित तिवारी की मौजूदगी में पंचनामा भरा गया।
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बदलती मांगों के बीच असमंजस में फंसे रहे जिम्मेदार
मृतक के परिजन शव देखने के बाद आक्रोशित हो गए। इसके बाद उन्हें समझाने का प्रयास शुरू हुआ, तो परिजनों ने अलग अलग मांगें करना शुरू करदीं। किशोरी और उसके पिता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद किशोरी के जीजा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने की मांग हुई। साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित किए जाने की मांग की जाने लगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जो जिम्मेदार लोग हैं उनके खिलाफ तहरीर दें। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज होगी। इस पर परिजन आपस में बात करके चले गए।
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रायबरेली और बाराबंकी से भी बुलानी पड़ी पुलिस
घटना को लेकर व्याप्त तनाव के कारण शाहाबाद नगर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। न सिर्फ हरदोई के 15 थानों की पुलिस बल्कि रायबरेली और बाराबंकी से भी पुलिस बुलानी पड़ी। मृतक के गांव में भी बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। बावजूद इसके मृतक के परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने पुलिसकर्मियों से खूब अभद्रता की। माहौल को देखकर पुलिस सब कुछ चुपचाप सहन करती रही।
वर्जन
मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। शाहाबाद कोतवाली में तैनात निरीक्षक शिव गोपाल और विवेचक वरुण कुमार शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश डीएम ने दिए हैं। जिला जज को भी पत्र भेजकर पूरी घटना से अवगत कराया गया है। मानवाधिकार आयोग को भी रिपोर्ट भेजी गई है। घटना में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र को जांच अधिकारी बनाया गया है।-नीरज कुमार जादौन, एसपी, हरदोई