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UP News: प्लॉट पर कब्जा देने में नाकाम रहा यूपीसीडा, खरीदारों को चुकाने होंगे 5.40 करोड़, अभी भी नहीं मिलेगी

Sat, 10 Sep 2022 11:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ट्रांसगंगा सिटी में आवासीय भूखंड एलाट करने के बाद भी प्राधिकरण अब तक खरीदारों को कब्जा नहीं दे पाया है। रेरा ने खरीदारों के पक्ष में फैसला दिया था। वहीं, अपील में भी यूपीसीडा को राहत नहीं मिली और अब ब्याज का भुगतान करना होगा।
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यूपी रेरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में 2015 में गंगा बैराज से उन्नाव जाने वाले रास्ते पर यूपीसीडा द्वारा बसाई जा रही ट्रांसगंगा सिटी में आवासीय प्लॉट का कब्जा देने में नाकाम रहने पर एजेंसी अब प्लाट आवंटियों को 5.40 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाएगी।

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इसके साथ ही जब तक वह प्लॉट पर आवंटियों को कब्जा नहीं देती, तब तक उसे ब्याज चुकाना पड़ेगा।  यूपीसीडा की ओर से आवंटन के बावजूद प्लॉट पर कब्जा न दिए जाने पर ट्रांसगंगा सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आवंटी यूपी रेरा चले गए थे।
रेरा ने आवंटियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यूपीसीडा को नियमानुसार कब्जा न देने पर 5.40 करोड़ रुपये बतौर ब्याज आवंटियों को जारी करने के आदेश दिए।  इस फैसले के खिलाफ यूपीसीडा ने यूपी रेरा के अपीलेट ट्रिब्यूनल में राहत के लिए अर्जी दाखिल की थी।

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सभी पक्षों को सुनने के बाद अब अपीलेट ने भी यूपीसीडा की अर्जी खारिज करते हुए उसे पैसा चुकाने के आदेश दे दिए। चूंकि अपील से पहले दौरान साइट प्रमोटर के तौर पर यूपीसीडा ने अपीलेट में 5.40 करोड़ रुपये जमा किए थे। अब अपीलेट से रेरा को यह राशि ट्रांसफर होने के बाद रेरा की ओर से सभी आवंटियों को निर्धारित राशि दे दी जाएगी।

अभी भी नहीं मिलेगी राहत
एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने बताया कि जब तक यूपीसीडा आवंटियों को कब्जा नहीं देती तब तक उसे नियमानुसार आवंटियों को खरीदे गए प्लाट के  क्षेत्रफल के अनुसार पहले से तय ब्याज देना होगा।
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उन्होंने कहा कि यूपीसीडा की यह सबसे बड़ी विफलता है कि वह गंगा के किनारे इतनी बड़ी योजना बसाने का प्लान बनाता रहा और 2015 से अब तक प्लाट पर कब्जा नहीं दे सका है। इससे खरीदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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