सभी पक्षों को सुनने के बाद अब अपीलेट ने भी यूपीसीडा की अर्जी खारिज करते हुए उसे पैसा चुकाने के आदेश दे दिए। चूंकि अपील से पहले दौरान साइट प्रमोटर के तौर पर यूपीसीडा ने अपीलेट में 5.40 करोड़ रुपये जमा किए थे। अब अपीलेट से रेरा को यह राशि ट्रांसफर होने के बाद रेरा की ओर से सभी आवंटियों को निर्धारित राशि दे दी जाएगी।
अभी भी नहीं मिलेगी राहत
एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने बताया कि जब तक यूपीसीडा आवंटियों को कब्जा नहीं देती तब तक उसे नियमानुसार आवंटियों को खरीदे गए प्लाट के क्षेत्रफल के अनुसार पहले से तय ब्याज देना होगा।
उन्होंने कहा कि यूपीसीडा की यह सबसे बड़ी विफलता है कि वह गंगा के किनारे इतनी बड़ी योजना बसाने का प्लान बनाता रहा और 2015 से अब तक प्लाट पर कब्जा नहीं दे सका है। इससे खरीदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।