उन्होंने बताया कि इस वक्त मानसून की गति तेज है। वह समुद्र तल पर है, लेकिन जमीन पर आते ही इसकी गति धीमी पड़ेगी। साथ ही 28 मई तक पश्चिमी विक्षोभ के हिमालय पहुंचने की उम्मीद है। उत्तर-पूर्व राजस्थान पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इससे भी मौसमी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।