उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुख्यात बदमाश वसीम उर्फ बंटा और उसके भाई नईम के पासपोर्ट बनवाने में कर्नलगंज पुलिस और एलआईयू की भूमिका सवालों के घेरे में है। आपराधिक मामले दर्ज होने के बावजूद दोनों गैंगेस्टर भाइयों के पासपोर्ट के सत्यापन की रिपोर्ट पुलिस और एलआईयू ने उनके पक्ष में लगाई।
ये रिपोर्ट दो बार लगाई गई। पहली बार पासपोर्ट बनने के दौरान और दूसरी रिपोर्ट पिछले साल नवीनीकरण के दौरान लगाई। यह खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ है। एसटीएफ कानपुर यूनिट ने मंगलवार को गैंगेस्टर वसीम उर्फ बंटा और भाई नईम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों कर्नलगंज थाना क्षेत्र के गम्मू खां का हाता के रहने वाले हैं।