इसी पासपोर्ट पर वह अपनी मौसी जाकिया मुमताज के घर पाकिस्तान गया था। दिसंबर 1997 में उनकी बेटी साइमा फैसल के साथ कराची में निकाह किया। लगभग तीन माह पाकिस्तान में रहकर लौटा। इसके बाद अक्सर पाकिस्तान आता-जाता रहा। दूसरा पासपोर्ट रांची से बनवाया। इसी दौरान पाकिस्तान में उसकी मुलाकात आईएसआई अधिकारी अतीक से हुई थी।
उसके कहने पर वह जासूसी करने लगा। जिस समय वह पकड़ा गया था, तब वह आईएसआई अफसर मेजर सिकंदर के लिए काम कर रहा था। उसने रांची, इलाहाबाद, झांसी, बबीना और कानपुर कैंट की सूचनाएं भेजी थीं। एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि उसके खिलाफ आईपीसी के अलावा शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत भी चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने फैसल को दोषी मानकर सजा सुनाई।