पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ में पता चला कि घाटमपुर के एक अन्य वकील ने लीक पेपर नौबस्ता के वकील को उपलब्ध कराया था। घाटमपुर निवासी वकील को पकड़ने में पुलिस के नाकाम रहने के बाद अब एक टीम गठित की गई है। इसमें पुलिस के अलावा सर्विलांस और साइबर विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
वहीं, आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर से गोविंदनगर पुलिस को कोई साक्ष्य न मिल पाने पर अब एसटीएफ की मदद से पुलिस उनके मोबाइल का व्हाट्सएप डाटा रिकवर करने में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि शातिरों ने पकड़ से बचने के लिए लीक पेपर के संबंध में व्हाट्सएप कॉल या चैट का ही इस्तेमाल किया होगा। उधर, आरोपी अधिवक्ता को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अगले हफ्ते कोर्ट में अर्जी डाल सकती है, जिसके बाद वकील से पूछताछ में कुछ अहम लिंक भी सामने आ सकते हैं। पुलिस वकील से पूछताछ के लिए सवालों की सूची तैयार कर रही है।
घाटमपुर के आरोपी वकील की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।- अमरनाथ यादव, एसीपी, बाबूपुरवा