बेहमई कांड में वादी रहे राजाराम के चित्र पर फूल चढ़ाता शेर सिंह राणा
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बेहमई कांड की मुख्य आरोपी फूलन देवी की हत्या करने वाला शेर सिंह राणा आज दोपहर कानपुर देहात के बेहमई गांव पहुंचा। शेर सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद प्रताप सिंह बाली के बुलावे पर बेहमई आया। गांव पहुंचते ही शेर सिंह राणा से मिलने के लिए आसपास के गांवों की भीड़ मौके पर पहुंच गई।
इस दौरान बेहमई गांव में बने शहीद स्मारक स्थल पर फूलन देवी के हत्यारोपी शेर सिंह राणा ने श्रद्धांजिल अर्पित की। बता दें कि 25 जुलाई 2001 को दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर सासंद फूलन देवी की गोलियो से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। घटना के दो दिन बाद फूलन देवी की हत्या के आरोपी शेर सिंह राणा ने हत्या की बात स्वीकार कर देहरादून पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया था।
तीन बर्षो बाद राणा फिल्मी अंदाज में तिहाड़ जेल से फरार हो गया। फरार होने के बाद शेर सिंह राणा तालिबान चला गया। जहां उसने राजपूत सम्राट पृथ्वी राज चौहान की अस्थियां लेकर आया। 17 मई 2006 को शेर सिंह राणा को कोलकाता के एक गेस्ट हाउस से राणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली की निचली कोर्ट ने 14 अगस्त बर्ष 2014 में फूलन देवी की हत्या के मामले में शेर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वही दिल्ली हाईकोर्ट ने राणा को अंतरिम जनामत दे दी। जबकि बर्ष 2012 में यूपी के जेवर विधानसभा से राणा निर्दलीय विधानसभा चुनाव लडा।
बता दें कि बेहमई कांड में अब 16 मार्च को सुनवाई होगी। मामले की मूल केस डायरी न मिलने के कारण सोमवार को भी सुनवाई टल गई। 40 साल से तारीख पर तारीख मिलने से न्याय के इंतजार में बैठे लोगों में निराशा है।