कानपुर में अपराधियों को भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस दिए गए हैं। फर्जी लाइसेंस की सूची में शामिल कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। अब विवेचना में पुलिस इसका खुलासा करेगी। फर्जी लाइसेंस की सूची में बसपा से विधायक का चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति भी शामिल है।
जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत की कोर्ट से फर्जी शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर नोटिस जारी किए गए हैं। इस सूची में बेकनगंज थाने के एक व्यक्ति का नाम शामिल है। उसके खिलाफ गोली चलाने का मुकदमा दर्ज है। इसी थाने के एक और व्यक्ति के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है।
यह दोनों दो बड़े अपराधियों के रिश्तेदार बताए गए हैं। अन्य कई थानों के लोगों के नाम भी मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आ रही है। पुलिस अभी इनका सत्यापन कर रही है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस की सूची में एक दबंग नेता का नाम भी है जो बसपा से विधायकी का चुनाव लड़ा था। बताया गया है कि उसने पहले उन्नाव से शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। जानकारी होने पर उन्नाव के जिलाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया था। पुलिस इस नेता के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अगर कुछ फर्जी लाइसेंस अपराधियों के नाम जारी हुए हैं तो पुलिस विवेचना में उनके नाम सामने आएंगे। इसके बाद पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। फर्जी लाइसेंस पर लिए गए असलहे तत्काल थाने में जमा कराने को कहा है। सभी फर्जी लाइसेंस निलंबित कर नोटिस भेज दिए गए हैं।
-विजय विश्वास पंत, जिलाधिकारी
असलहा दफ्तर में नए बाबुओं की तैनाती
असलहा दफ्तर में नए बाबुओं की तैनाती कर दी गई है। इनसे तत्काल कार्यभार संभालने को कहा गया है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खुलासे के बाद दो बाबुओं को निलंबित कर दिया गया था। बड़े बाबू को इस जिम्मेदारी से हटा दिया था। अब एडीएम फाइनेंस वीरेंद्र पांडेय ने न्याय सहायक देशराज सोनकर को शस्त्र लिपिक बनाया है।
शस्त्र लिपिक चंद्रहास सिंह चौहान को न्याय सहायक की जिम्मेदारी दी है। जगपाल को सहायक शस्त्र लिपिक बनाया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट के वाचक नितिन प्रकाश गुप्ता को फिर से एडीएम फाइनेंस का वाचक बना दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
77 फर्जी शस्त्र लाइसेंस निलंबित, डीएम कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर निरस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की
कुल 94 में से जारी हो चुके 77 फर्जी लाइसेंस जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत की कोर्ट ने निलंबित कर दिए हैं। पुलिस से कहा गया है कि फर्जी लाइसेंस पर खरीदे गए शस्त्र तत्काल प्रभाव से थानों में जमा करा लिए जाएं। जिलाधिकारी कोर्ट ने इन फर्जी मुकदमों के निरस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी है।
अमर उजाला ने एक अगस्त को फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी होने का खुलासा किया था। इसके बाद हुई जांच में 94 फर्जी लाइसेंस जारी होना पता चला। 94 फर्जी लाइसेंस में से 77 लोगों को बुकलेट (किताब) भी जारी कर दी गई थी। जिलाधिकारी की कोर्ट ने सभी 77 लोगों के फर्जी लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
निलंबन की नोटिस संबंधित थाने की पुलिस संबंधित व्यक्तियों को तामील करा रही है। फर्जी लाइसेंस पर खरीदे गए लाइसेंस तत्काल प्रभाव से थाने में जमा कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी की कोर्ट में इन सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर फर्जी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निरस्तीकरण के नोटिस भी शनिवार और सोमवार को जारी कर दिए जाएंगे।
फर्जी लाइसेंस लेने वाले भी जाएंगे जेल
जिला प्रशासन ने शुक्रवार को फर्जी लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की प्रशासनिक जांच एसआईटी को सौंप दी है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि एसीएम से मिली जांच रिपोर्ट में शामिल बिंदुओं के आधार पर विवेचना शुरू कर दी गई है। एसआइटी फर्जी लाइसेंस जारी करने वालों के अलावा लाइसेंस लेने वालों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।
सभी 94 फर्जी लाइसेंस के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में इन सभी के खिलाफ अवैध रूप से शस्त्र रखने, भ्रष्टाचार के साथ ही अन्य गंभीर अपराध सामने आए हैं। इसी को आधार बनाकर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी की दो टीमें आरोपी लिपिक उसके सहयोगी कारीगर की तलाश में दबिश दे रही हैं।