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Income Tax Raid : 11 करोड़ चंदा पाने वाली पार्टी के बारे में क्षेत्रीय लोगों को भी नहीं है जानकारी

Thu, 08 Sep 2022 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

Income Tax Raid : आशंका है कि मनी लांड्रिंग करके और काले धन को खपाने के साथ ही आयकर में छूट पाने के लिए पार्टी को चंदा दिया गया है। अब पार्टी के संस्थापक रविशंकर यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक कृष्णा के परिजनों के भी खातों की जांच की जा रही है। 
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनराज्य पार्टी को तीन साल में मिले 11 करोड़ के चंदे ने अफसरों को भी हैरत में डाल दिया है क्योंकि पार्टी न तो ज्यादा प्रचारित है और न ही चुनावी गतिविधियों में हिस्सा लेती है। ऐसे में आयकर विभाग ने चंदा मिलने के स्रोतों की जांच शुरू कर दी है।

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आशंका है कि मनी लांड्रिंग करके और काले धन को खपाने के साथ ही आयकर में छूट पाने के लिए पार्टी को चंदा दिया गया है। अब पार्टी के संस्थापक रविशंकर यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक कृष्णा के परिजनों के भी खातों की जांच की जा रही है। 

जनराज्य पार्टी के बारे में क्षेत्रीय लोगों तक को जानकारी नहीं है। इसके बाद भी पार्टी को चंदा मिलता रहा है। विदेशी फंडिंग, काला धन के रूट डायवर्जन बिंदु पर भी जांच की जा रही है। देखा जा रहा है कि चंदे के जरिये काली रकम को आयकर छूट के तहत सफेद तो नहीं किया गया है। बैंक खातों में लेन-देन मिलने पर ऐसे लोग भी जांच के दायरे में आ जाएंगे, जिन्होंने पार्टी को चंदा दिया है। पार्टी की सदस्यता, इसके शुल्क, सदस्यों की सूची भी जुटाई जा रही है।
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सूत्रों ने बताया कि जनराज्य पार्टी को 2018-19 में दो करोड़ 61 लाख 96 हजार 602 रुपये चंदा मिला। 2019-20 में तीन करोड़ 33 लाख 11 हजार 740 रुपये और 2020-21 में 2 करोड़ 67 लाख 68 हजार 803 रुपये चंदा आया। 

अपर निदेशक आयकर जांच अजय कुमार के निर्देश पर आयकर अधिकारी सुबह वाराणसी में जनराज्य पार्टी के रविंद्रपुरी स्थित कार्यालय पर पहुंचे और घंटों जांच पड़ताल की। इसके अलावा पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष रविशंकर सिंह यादव के आवास पर भी छापा मारा। रविशंकर सिंह ने गत विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था। 

आरोप है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने विभिन्न माध्यमों से बड़ी रकम पार्टी फंड में दान के रूप में ली, लेकिन उसका कहीं हिसाब नहीं दिया। आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने विधानसभा चुनाव खर्च का सही लेखा जोखा भी नहीं रखा है। जांच अधिकारियों ने मौके से कंप्यूटर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेखा पुस्तिका को कब्जे में ले लिया है। 

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