मुफलिसी में हिना का परिवार बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा था। पिता की इंतकाल के बाद उस पर खुद और आठ भाई-बहनों की जिम्मेदारी थी। इसके चलते वर्ष-2008 में वह मुंबई के ताड़देव में रहने वाले अपने चाचा लाला के साथ चली गई। दर-दर भटकने के बाद एक बार में काम मिला, तो परिवार की भी मदद करने लगी।
हिना की मां समीरुन निशा अपने आठ बच्चों के साथ चिड़ीमार मोहल्ले में सात सौ रुपये महीने के किराये के एक कमरे में रहती हैं। उनका मायका नहरोना घाट देवरियां में है। 33 साल पहले उनकी शादी इखलाक अहमद से हुई थी। इखलाक लक्ष्मी कॉटन मिल में मशीन ऑपरेटर थे। समीरुन के मुताबिक, वह बहुत शराब पीते थे।
वर्ष 2004 में ज्यादा शराब पीने से उनकी मौत हो गई थी। हिना तब छोटी थी। समीरुन के उसी साल जन्मी फैमीना समेत आठ और बच्चे हो चुके थे। उस समय उनका परिवार गोविंदनगर में रहता था। वर्ष-2007 में कुछ महीनों के लिए शुक्लागंज में रहने के बाद उसी साल नवंबर में बगाही आकर बस गए थे।