फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: उन्नाव और औरैया के 90 फीसदी अपराधियों की जमानत में फर्जीवाड़ा, क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा

Thu, 05 Aug 2021 10:44 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि गंभीर मामलों के अपराधियों को फर्जी जमानतदारों पर जमानत दिलाई जा रही है। इसके पीछे कई गिरोह सक्रिय हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्जी जमानतदार के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कानपुर से जेल गए औरैया और उन्नाव के अपराधियों में से करीब 90 फीसदी अपराधी फर्जी जमानत पर छूट रहे हैं। जमानतदार उपलब्ध कराने के कई ठेकेदार हैं। जो गिरोह बनाकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हैं। जांच टीम को कई गिरोहों के बारे में जानकारी मिली है।
विज्ञापन


तथ्यों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जल्द बड़े गिरोह पर शिकंजा कसा जा सकता है। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि गंभीर मामलों के अपराधियों को फर्जी जमानतदारों पर जमानत दिलाई जा रही है। इसके पीछे कई गिरोह सक्रिय हैं। कानपुर के कल्याणपुर, नवाबगंज और बिठूर फर्जी जमानतदारों के गढ़ हैं।
विज्ञापन

वहीं औरैया व उन्नाव के गिरोह की सबसे अधिक भूमिका है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि इन दो जिलों के करीब 90 फीसदी अपराधियों को यही गिरोह जमानत दिलवा रहे हैं। ये बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है। इसमें कथित अधिवक्ता, उनके मुंशी आदि शामिल हैं। जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिलाते हैं। 

मोटी रकम वसूलते हैं आरोपी 
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह जमानत कराने का ठेका लेते हैं। जैसा अपराध वैसी रकम वसूलते हैं। हत्या जैसे गंभीर मामलों में 50 हजार से एक लाख रुपये तक वसूलते हैं। चोरी, लूट आदि के मामले में अधिकतर पचास हजार रुपये लेते हैं। इसमें दस्तावेज खुद तैयार करते हैं। फर्जी जमानतदार भी तैयार करते हैं। एक-एक जमानतदार ने सैकड़ों की जमानत ले रखी है। शातिर बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं। 

जमानत खारिज कराई जाएंगी, लगेगा गैंगस्टर 
पुलिस अफसरों ने बताया कि जिन बदमाशों की फर्जी तरीके से जमानत कराई गई हैं उन सभी की जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जो जमानतदार रहे हैं उनको चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। अवैध संपत्ति मिली तो उसको जब्त किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें