स्मार्ट मीटर हमेशा नेटवर्क में रहेगा
शुरुआत में सिविल लाइंस और माल रोड में इन मीटरों को लगाने का काम शुरू किया गया है। इस नई तकनीक के स्मार्ट मीटरों में फोरजी नेटवर्क के दो सिम के लिए स्थान है। जियो और एयरटेल के सिम लगे हुए हैं। इन सिमों की यह खासियत है कि यदि एक सिम में नेटवर्क कम होगा, तो दूसरा सिम अपने आप ऑटो स्विच होकर दूसरे को मजबूत नेटवर्क भी देगा। इस प्रक्रिया से स्मार्ट मीटर हमेशा नेटवर्क में रहेगा और खर्च हुई बिजली का डाटा सर्वर पर पहुंचाता रहेगा।
बैलेंस का अलर्ट मैसेज न आने जैसी दिक्कतें
इसको हर 10 से 15 मिनट में केस्को की वेबसाइट या एप के माध्यम से उपभोक्ता चेक कर सकता है। अभी शहर में अधिक लाइनलॉस वाले बिजलीघर, आलूमंडी, नवाबगंज और जरीब चौकी डिवीजन वाले क्षेत्रों में तीन वर्षों से जो डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनमें टूजी नेटवर्क के वोडाफोन सिम लगे हुए हैं। बैलेंस का अलर्ट मैसेज न आने और ऑटो कनेक्ट के साथ ही डिस्कनेक्ट की समस्या सामने आती रहती है।
नहीं होगी बिजली चोरी, केस्को की वेबसाइट से है कनेक्ट
नई तकनीक के स्मार्ट मीटर वर्तमान में केस्को की वेबसाइट और एप से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि कोई इन मीटरों में किसी माध्यम से बिजली चोरी का प्रयास करता है तो उसकी रिपोर्ट अपने आप की वेबसाइट और एप पर पहुंच जाएगी। इस प्रकार से नई तकनीक के स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी करना संभव नहीं होगा।
शहर में नई तकनीक के 24 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इनमें हॉटस्पॉट-वाईफाई, डबल सिम स्लॉट और ऑटो स्विच की सुविधा से कनेक्टिवटी बेहतर रहेगी। अभी ये पोस्टपेड हैं जिन्हें सर्वर से प्रीपेड कर दिया जाएगा। अगले सवा साल में केस्को शहर भर में करीब साढ़े सात लाख उपभोक्ताओं के परिसरों में पोस्टपेड मीटरों की जगह पर इन स्मार्ट मीटरों को लगाएगा। -पंकज कुमार, एक्सईएन, स्मार्ट मीटरिंग, केस्को