रिहा हुए बंदियों को मिलेगा काम
जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि आउटलेट की स्थापना बंदी कल्याण एवं पुनर्वास सहकारी समिति संस्था के तहत की गई है। जेल से रिहा बंदियों को कामकाज की दिक्कत को देखते हुए उन्हें रोजीरोटी का भी मौका दिया गया है। आउटलेट में खाना परोसने वालों में जेल से रिहा हो चुके लोगों को लगाया गया है। आउटलेट का खाना बनाने के लिए चार बंदी अलग से नियुक्त किए गए हैं।
संस्था के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया है
संस्था की कमेटी के अन्य सदस्यों में जेलर, डिप्टी जेलर और जेल के बंदी रहेंगे। इस संस्था के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया है। लाभ को काम करने वाले बंदियों के खाते में डाला जाएगा। कैंटीन में चाय, कॉफी, स्नैक्स के साथ ही आरओ के पानी भी मिलेगा। आउटलेट में दो से पांच लोगों के एक साथ बैठकर चाय पीने की व्यवस्था भी है।