आचार्य कृष्णम ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक नवविवाहिता (खुशी दुबे), जिसकी हथेलियों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, उसे अपराधी घोषित कर जेल में डाल दिया गया। इस घटना में जो भी पुलिसकर्मी मारे गए, उनके प्रति गहरी संवेदना है, लेकिन इसके बहाने प्रदेश सरकार ने जिस तरह का अत्याचार किया है, वह गलत है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया है कि बिकरू कांड में कई फर्जी एनकाउंटर हुए हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से इसकी जांच कराई जा रही है। सवाल उठाया कि जब आतंकवादी अफजल गुरू को अपनी बात रखने के लिए कोर्ट जाने का मौका दिया गया तो विकास दुबे को क्यों नहीं? उन्होंने यह बातें मंगलवार को बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी को कल्याणपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर की गई प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।
विज्ञापन
आचार्य कृष्णम ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक नवविवाहिता (खुशी दुबे), जिसकी हथेलियों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, उसे अपराधी घोषित कर जेल में डाल दिया गया। इस घटना में जो भी पुलिसकर्मी मारे गए, उनके प्रति गहरी संवेदना है, लेकिन इसके बहाने प्रदेश सरकार ने जिस तरह का अत्याचार किया है, वह गलत है।
आचार्य कृष्णम ने कहा कि विकास दुबे अपराधी था या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन इस घटना में पुलिस की गोली का शिकार हुए बारहवीं के छात्र प्रभात मिश्र और जेल में बंद खुशी का क्या कु सूर? हालांकि यह भी सफाई दी कि वह किसी अपराधी का समर्थन नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
आचार्य कृष्णम ने कहा कि खुशी दुबे के परिवार की मदद के लिए पार्टी महामंत्री प्रियंका गांधी आगे आई हैं। आरोप लगाया कि योगी सरकार में पुलिस खलनायक और निर्दयी हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया कि खुशी की मां गायत्री तिवारी को चुनाव में उतारा जाए, लेकिन प्रदेश की सरकार ने साजिश के तहत उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब करा दिया।
इस वजह से नेहा को चुनाव मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस इसकी जांच की मांग कर रही है। यह भी कहा कि सरकार खुशी के जेल से बाहर आने से डर रही है। खुशी के दिल में जो राज दफन हैं, सरकार उसे छुपाना चाहती है। उन्होंने बाकी दलों से भी अपील की कि नेहा के सामने अपने प्रत्याशी न उतारें। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव शरद मिश्रा, यूथ प्रदेश अध्यक्ष कनिष्क पांडेय, ग्रामीण जिलाध्यक्ष अमित पांडेय, कार्यकारी जिलाध्यक्ष कृपाशंकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।