ये नहीं ले सकेंगे योजना का लाभ
- मोटर युक्त तिपहिया अथवा चौपहिया वाहन धारक
- तिपहिया अथवा चौपहिया कृषि उपकरण धारक
- 50 हजार रुपये अथवा इससे अधिक केसीसी कार्ड धारक
- ऐसा परिवार जिसमें कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो
- सरकार के पास पंजीकृत गैर
- कृषि उद्यम वाले परिवार
- ऐसा परिवार जिसका कोई सदस्य 15 हजार रुपये मासिक से अधिक कमाता हो
- आयकर देने वाले परिवार
- व्यवसाय कर देने वाले परिवार
- ऐसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो
- ऐसे परिवार जिनके पास पांच एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो
ग्रामीण के लिए शासन से दोबारा सर्वे के निर्देश मिले हैं। इस संबंध में जल्द ही बैठक कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सर्वे के लिए सचिवों को जिम्मेदारी दी जा रही है। योजना का प्रचार-प्रसार कर सर्वे कराते हुए पात्रों को लाभ दिया जाएगा। - गजेंद्र प्रताप सिंह बीडीओ कुठौंद
पीएम विश्वकर्मा योजना में आ चुके 26 हजार आवेदन
पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में अभी तक उद्योग केंद्र को 26 हजार आवेदन मिल चुके हैं। इनमें 800 आवेदन स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन अभी तक प्रशिक्षण के लिए कोई सूचना जारी नहीं हुई है। जिससे लाभार्थी उद्योग केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसके साथ ही लोगों को 500 रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें उनके व्यवसाय के लिए टूल किट खरीदने के लिए 15,000 रुपये भी सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। जिन्हें लौटाना नहीं होगा। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किट के लिए पैसे मिलेंगे या किट ही शासन से मिलेगी।
इस योजना का जिले में लक्ष्य 1200 था। लेकिन अभी तक 26 हजार आवेदन आ चुके हैं। जिनमें करीब 800 आवेदन स्वीकृत भी कर लिए गए हैं। इस योजना में 18 ट्रेडों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची को दस दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के बाद अगर कोई उद्योग शुरू करना चाहता है तो उसे तीन लाख तक का ऋण भी मिलेगा। आवेदन तो आ चुके हैं और स्वीकृत भी हो चुके हैं। लेकिन शासन से अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रशिक्षण कब और कहां दिया जाएगा।
तीन चरण में पास होगा आवेदन
आवेदन तीन चरण में पास होगा। पहले ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत स्तर पर दूसरे चरण में डीएम स्तर पर गठित कमेटी द्वारा, तीसरे चरण में योजना के अधिकारियों द्वारा। तब जाकर इस योजना में लोग शामिल हो सकेंगे।
अभी भी इस योजना में आवेदन आ रहे हैं। जो सही में पात्र है उसी को मौका मिलेगा। बेरोजगारों को स्वयं का रोजगार इस प्रशिक्षण के बाद मिल सकेगा। उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। - प्रभात यादव, उपायुक्त, उद्योग केंद्र