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ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021: कानपुर में मतदान से पहले ही भाजपा का चार ब्लॉकों पर कब्जा

Fri, 09 Jul 2021 01:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बीजेपी- बंगाल - फोटो : social media
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भारतीय जनता पार्टी ने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में चार ब्लॉकों में मतदान से पहले ही कब्जा जमा लिया। घाटमपुर, कल्याणपुर, बिधनू व शिवराजपुर ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए। तीन ब्लॉकों में किसी दूसरे दल के प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं बिधनू के प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया। आठ जुलाई को दोपहर तीन बजे तक ही नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते थे।
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तीन बजे के बाद नामांकन पत्रों की छंटनी का काम शुरू हुआ। नौ जुलाई को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। छह सीटों पर 10 जुलाई को सुबह 11 से तीन बजे तक मतदान होगा। उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जनपद के 10 ब्लॉकों में से नौ पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी। इनमें तीन प्रत्याशी ब्राह्मण, दो ठाकुर, दो-दो पिछड़ा और अनुसूचित जाति के प्रत्याशी हैं। 

बिधनू में भाजपा का सूखा खत्म 
बिधनू में भाजपा ने बहुत सटीक दांव चला। कलरी चंपतपुर से बसपा कोटे से क्षेत्र पंचायत सदस्य बने अरुण कुमार को बिधनू से ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी बनाया। यहां से इनके मुकाबले सपा प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण दिवाकर ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उनके प्रस्तावक ने ही धोखे से हस्ताक्षर कराने का आरोप लगा दिया।
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इस पर उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। अरुण कुमार बिना मुकाबले के ही जीत गए। इस तरह से भाजपा ने बिधनू सीट पर लंबे समय से चला आ रहा सूखा खत्म किया। इस सीट पर पिछले 15 वर्षों से बसपा के रमेश यादव का कब्जा था। वे दो बार ब्लॉक प्रमुख बने। एक बार उनकी पत्नी ने जीत हासिल की थी। 

 

घाटमपुर में भी भाजपा का परचम 
घाटमपुर में भाजपा प्रत्याशी इंद्रजीत सिंह निर्विरोध चुने गए। उनके मुकाबले किसी ने पर्चा नहीं भरा। हालांकि यहां पर कुल सात पर्चे खरीदे गए थे, लेकिन भाजपा के अलावा दाखिल किसी ने नहीं किया। इंद्रजीत के घर दोबारा ब्लॉक प्रमुखी आएगी। इससे पहले इनकी पत्नी देविका सिंह ब्लॉक प्रमुख थीं। भाजपा से टिकट न मिलने पर इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 

कल्याणपुर में भी भाजपा निर्विरोध 
कल्याणपुर ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी अनुराधा अवस्थी निर्विरोध चुनी गई हैं। सपा के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में इस बार किसी सपाई ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ पर्चा नहीं भरा। मामला यहां भी एकतरफा है। इससे पहले यहां पर सपा के अजय यादव ही ब्लॉक प्रमुख थे। 

शिवराजपुर में रास्ता साफ 
शिवराजपुर में भाजपा के शुभम बाजपेई निर्विरोध चुने गए हैं। यहां भी कल्याणपुर जैसा हाल है। सपा की सीट होने के बावजूद पार्टी की तरफ से पर्चा दाखिल नहीं किया गया। यहां से निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख सपा केेेे राजेश कोरी हैं। 

 

पतारा में सपा से मुकाबला
पतारा ब्लॉक में भाजपा के प्रत्याशी मनोज भदौरिया और सपा की तरफ से कोमल सिंह आमने सामने हैं। हालांकि यहां से पांच पर्चे निर्दलीय ने भी खरीदे थे। मगर दाखिल करने कोई नहीं आया। माना गया कि उन्हें जहां जाना था वे वहां चले गए। इससे पहले यहां मीना शंखवार ब्लॉक प्रमुख थीं। वे बसपा नेता थीं, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय ही चुनाव लड़ा और जीत भी गईं। इस बार बसपा मैदान में ही नहीं है। 

भीतरगांव में भी सपा-भाजपा 
भीतरगांव में भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार और सपा प्रत्याशी शिवकरण सिंह आमने सामने हैं। इस सीट पर सपा का ही कब्जा रहा है। निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख सपा की रानी सिंह हैं। यहां भाजपा को तगड़ा मुकाबला करना पड़ सकता है। 

बिल्हौर में मोर्चे पर डटी सपा 
बिल्हौर का चुनाव सबसे दिलचस्प होगा। यहां भाजपा से मनोरमा कठेरिया और सपा से कमला देवी आमने सामने हैं। नामांकन के दिन ही सपा का संघर्ष सामने आ गया। दरअसल सपा ने यहां से नीरू गौतम को प्रत्याशी बनाया था। मगर नामांकन दाखिल करने से ठीक एक दिन पहले से लापता हो गईं। नामांकन का समय निकलता देख सपा ने कमला देवी को प्रत्याशी बनाया। ये सपा का ही गढ़ है जहां भाजपा सेंधमारी की जुगत में है। सपा के अनिल कटियार निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख हैं। 

 
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ककवन में भी सपा से मुकाबला 
ककवन में भी सपा का अच्छा दखल है। मगर भाजपा से मुकाबला कड़ा है। यहां भाजपा से नीलम कुशवाहा और सपा से किरन यादव आमने सामने हैं। यहां से सपा की निर्मला दिवाकर निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख हैं। ये पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर की पत्नी हैं। 

चौबेपुर में सपा से कड़ी टक्कर 
चौबेपुर ब्लॉक में भी सपा की भाजपा से कड़ी टक्कर है। यहां भाजपा से राजेश शुक्ला और सपा से निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अनुभव शुक्ल मुकाबले में हैं। अनुभव बिठूर से सपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला के भतीजे हैं। दोनों पार्टियां यहां दमखम झोंके हैं। 

सरसौल में भी जोरदार टक्कर 
सरसौल ब्लॉक में भी सपा और भाजपा के बीच ही टक्कर है। यहां भाजपा समर्थित गायत्री अवस्थी और सपा से विजयरत्ना मुकाबले में हैं। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना का गढ़ होने की वजह से भाजपा का पलरा भारी है, लेकिन यहां आखिरी समय तक भाजपा का प्रत्याशी तय न हो पाने की वजह से तरह तरह की चर्चाएं हैं। यहां नामांकन कराने आए प्रत्याशियों को ब्लॉक मुख्यालय में करीब एक घंटे तक चुनाव अधिकारियों का इंतजार करना पड़ा। साढ़े बारह बजे के बाद नामांकन शुरू हुआ। बीडीओ प्रवीना शुक्ला ने बताया सहायक चुनाव अधिकारी की गाड़ी खराब हो गई थी। 
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