तो आखिर कार की सर्विस क्यों कराई गई
बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि कार उनके इलाके में लावारिस मिली थी जिसको सीज किया गया था। अब सवाल है कि अगर कार लावारिस बरामद हुई थी तो सीज करने के बाद उसका इस्तेमाल क्यों किया जा रहा था। ये पूरी तरह से गैरकानूनी है।
हैरानी की बात ये भी है कि जब कार लावारिस में मिली थी और बर्रा में उसका केस दर्ज था तो पुलिस को इस बारे में बर्रा पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। बिठूर पुलिस के कारनामे के साथ-साथ पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। एसओ अभी तक ये नहीं बता सके हैं कि कार कब सीज की गई थी।
अगर कार लावारिस मिली थी और उसका इस्तेमाल पुलिसकर्मी कर रहे थे तो यह गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी। जिसकी भूमिका मिलेगी उसके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर