साकेतनगर की महिला कारोबारी ने जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे की बेटी और उसके पांच अन्य साथियों पर पूर्व की तरह ही एक बार फिर से उनका चरित्र हनन करने की साजिश करने का आरोप लगाया है। महिला ने शनिवार को सीपी अखिल कुमार से आरोपियों के खिलाफ शिकायत की। सीपी ने एडीसीपी दक्षिण योगेश कुमार को प्रकरण की जांच सौंपी है।
महिला कारोबारी के मुताबिक वह पूर्व में होटल व्यवसायी थीं। आरोप है कि उनके होटल व्यवसाय को अखिलेश ने फर्जी तरीके से हड़प लिया था। विरोध किया तो अखिलेश ने पीटने और गालीगलौज करने के साथ ही अश्लील साहित्य छपवाकर क्षेत्र में बंटवाकर उन्हें बदनाम किया। उन्हें फर्जी मामलों में फंसाया गया जबकि पुलिस की जांच में वह निर्दोष मिलीं। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई तो तत्कालीन विवेचक ने चार घंटे में ही एफआर लगा दी।
अब कुछ दिन पहले उन्होंने पुराने मामले की कोर्ट के आदेश पर फिर से जांच शुरू कराई। महिला कारोबारी का आरोप है कि उन्होंने बयान में अखिलेश और उसके साथियों के नाम लिए थे। इसके चलते अब दुबे की बेटी व साथी सोशल मीडिया पर एक बार फिर से पूर्व की तरह ही बदनाम कर उनका चरित्र हनन कर रहे हैं। अखिलेश दुबे की बेटी और पांच अन्य साथी इसके आरोपी हैं।
चरित्र हनन करने के लिए झूठे तथ्यों को सहारा लिया जा रहा है। इस पोस्ट को खबर की तरह यू-ट्यूब चैनल पर दिखाया जा रहा है। सीपी के स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि महिला कारोबारी ने शनिवार को शिकायत की है। जांच एडीसीपी दक्षिण को दी गई है।