नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में शामिल होने के 24 घंटे पहले ही 19 साल की छात्रा जिंदगी से हार गई। उसका शव शनिवार को दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के समय वह और उसकी दादी ही घर पर थे। छोटा भाई स्कूल और माता-पिता कार्यालय चले गए थे। दोपहर में जब भाई लौटा तो उसे मामले का पता चला। परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने आकर जांच की। घरवालों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है। बर्रा छह हरी मस्जिद के पास रहने वाले राम प्रकाश वर्मा उरई के जिला अस्पताल में वरिष्ठ स्टेनो और पत्नी सुनीता एचबीटीयू में सहायक कर्मी हैं। उनका बेटा पार्थ दसवीं में है, जबकि बेटी नुपूर दो साल से नीट की तैयारी कर रही थी। उसका रविवार को होने वाली प्रवेश परीक्षा में कौशलपुरी के गुरुनानक गर्ल्स पीजी कॉलेज में सेंटर पड़ा। शनिवार सुबह बेटे के स्कूल और पत्नी के कार्यालय जाने के बाद राम प्रकाश भी पौने 11 बजे उरई चले गए।
घर के बाहर मौजूद पुलिस व लगी भीड़
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घटना से समय पूजा पाठ में व्यस्त थीं दादी
उनके जाने के बाद नुपूर दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पढ़ने चली गई, जबकि दादी राम प्यारी पहली मंजिल के कमरे में पूजा पाठ में व्यस्त थीं। दोपहर साढ़े 12 बजे स्कूल की छुट्टी होने पर पार्थ लौटा। काफी देर तक गेट खटखटाने के बाद भी नहीं खुला तो उसने पड़ोसी सौरभ से पिता को फोन कराया।
छात्रा की आत्महत्या का मामला
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बदहवास हुए माता-पिता
राम प्रकाश ने बेटी को कई फोन किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच पूजा कर राम प्यारी नीचे आईं तो उन्होंने गेट खोला। पार्थ ने देर लगने की बात पूछी तो कहा कि उन्हें लगा कि नुपुर ने गेट खोल दिया होगा। वह बहन को देखने ऊपर कमरे में गया तो चीख पड़ा। नुपुर का शव दुपट्टे से पंखे के सहारे लटक रहा था। बेटी के आत्महत्या कर लेने की सूचना पर बदहवास माता-पिता घर पहुंचे और शव से लिपट कर बिलख पड़े। परिजनों ने नीट के पेपर के चलते तनाव ग्रस्त होने की बात कही है। बर्रा इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे हैं, हालांकि समझाने की कोशिश की जा रही है।