पीड़िता के चाचा की अल्पकालीन और मां की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
-भतीजी की शादी करने के लिए वकील के माध्यम से दी थी जमानत अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की सरकारी अभिलेखों में सफेदा लगाने के मुकदमे में अल्पकालीन व मां की फर्जी टीसी मामले में अग्रिम जमानत अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी है। दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया था।
पीड़िता का चाचा करीब तीन साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। जिला सत्र न्यायालय के अलग-अलग कोर्ट में उसके खिलाफ नौ मुकदमे विचाराधीन हैं। चाचा ने अपनी भतीजियों की शादी, दिवंगत पत्नी, मां और भाई (दुष्कर्म पीड़िता के पिता) की आत्मा की शांति के लिए संस्कार संपन्न कराने के लिए अल्पकालीन जमानत या सशर्त पैरोल की मांग करते हुए वकील के माध्यम से न्यायालय में अर्जी दी थी। वहीं, पीड़िता की मां ने भी पीड़िता की फर्जी टीसी के मुकदमे में अग्रिम जमानत अर्जी डाली थी।
गुरुवार को दोनों की अर्जियों की सुनवाई जनपद न्यायाधीश कोर्ट में हुई। जिला जज हरवीर सिंह ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए चाचा के वकील से अल्पकालीन जमानत अर्जी की धारा के बारे में जानकारी ली तो वह सही जानकारी नहीं दे पाए। इसके बाद न्यायाधीश ने अधिवक्ता को सीआरपीसी की किताब दी। अधिवक्ता ने किताब से एक धारा पढ़कर सुनाई लेकिन उसमें अल्पकालीन जमानत अर्जी का कोई जिक्र नहीं था। जनपद न्यायाधीश ने दोनों जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।