कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में भारत-रूस तकनीकी सहयोग के तहत महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। विश्वविद्यालय शुक्रवार को रूस की अग्रणी कंपनी जीयोस्कैन रशिया के साथ ड्रोन टेक्नोलॉजी और यूएवी फ्लाइट एरीना के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा।
इसके तहत छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा। एमओयू के तहत ड्रोन डिजाइन, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, मैपिंग और सर्वेक्षण जैसी उन्नत तकनीकों पर कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम में तीन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं ड्रोन लैब, साइबर सिक्योरिटी लैब और इनोवेशन लैब का उद्घाटन भी होगा।
इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग और स्टार्टअप विकास का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। यूआईईटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार के अनुसार यह पहल विश्वविद्यालय को उभरती तकनीकों में अग्रणी बनाएगी और छात्रों के लिए रोजगार, प्लेसमेंट और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।