इस बात की जानकारी जब प्रियंका को हुई, तब उसने विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन सास-ससुर व बहन की सहमति न मिलने के कारण वह बीते 14 वर्ष से दर-दर भटकने को मजबूर हो गई। इस कारण विजय दशमी के दिन उसने अपने पति घर के सामने उनका पुतला बनाकर दहन किया। साथ ही, समाज में एक संदेश लेने की कोशिश की।
सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार
कहा कि समाज में बैठे रावण रूपी लोगों का समाज से बहिष्कार कर रावण की तरह जलाकर उन्हें भस्म कर देना चाहिए। पीड़ित प्रियंका ने बताया की उसकी शादी को आज 14 साल बीत गए हैं और अभी तक उसका वनवास खत्म नहीं हुआ है। इस मौके पर पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार भी लगाई है।
कहा- हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो
उसने कहा कि कहा की योगी सरकार बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान चला रही है और आज एक पढ़ी लिखी बेटी का बचाव नहीं हो पा रहा है। पीड़ित ने वर्तमान सरकार से न्याय की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।