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पुलिसवालों के लिए अनोखी प्रतियोगिता, ‘मैं पुलिस अधीक्षक होता तो...’

Sun, 05 Mar 2017 01:46 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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पुलिसवालों के लिए एक अनोखी प्रतियोगिता शुरू हो रही है। ‘यदि मैं पुलिस अधीक्षक होता तो...’ विषय पर अच्छा निबंध लिखने वाले विजेताओंं को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। 
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कानपुर देहात जिले के थाना, चौकी, फायर व स्थानीय अभिसूचना इकाई में तैनात प्रभारियों व आरक्षियों का एसपी अब निबंध प्रतियोगिता के जरिए बौद्धिक स्तर जांचेंगे। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। सांत्वना पुरस्कार में पुलिस कर्मियों की चरित्र पंजिका में इंट्री व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। 

पुलिस कर्मियों के मानसिक व बौद्धिक स्तर का आकलन करने के लिए एसपी ने नया तरीका निकाला है। यदि मैं पुलिस अधीक्षक होता विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सभी थाना व चौकी प्रभारियों को अनिवार्य रूप से निबंध लिखकर देना होगा। निबंध में भाषा शैली व्यावहारिक होगी। व्यावहारिक विचारों पर अधिकतम अंक दिए जाएंगे। भाषा साहित्यिक और किताबी नहीं होनी चाहिए। निबंध को सात दिनों में वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजेंगे। 
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प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ विजेताओं की दो श्रेणियां बनाई गई हैं। प्रथम श्रेणी में प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी व द्वितीय श्रेणी में हेड कांस्टेबिल व आरक्षी पुरस्कृत होंगे। प्रथम विजेता को ढाई हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1500 रुपये व तृतीय पुरस्कार 500 दिया जाएगा। जबकि चौथे सांत्वना पुरस्कार के रूप में कर्मी की चरित्र पंजिका में इंट्री व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। 
 
पुलिस अधीक्षक  प्रभाकर चौधरी ने बताया कि थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों, फायर सर्विस सहित आरक्षियों के लिए निबंध प्रतियोगिता कराई जा रही है। उनके बौद्धिक स्तर का पता लगा कर उत्साहित किया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
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