केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को कानपुर पहुंचे। अवध व कानपुर बुंदेलखंड की 23 लोकसभा सीटों के लिए अमित शाह ने फरमान जारी किया। आज से मतदान के दिन तक हर मतदाता से तीन-तीन बार मिलने का कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र में तीसरी बार मोदी की सरकार बनाने के लिए बूथ जीता-चुनाव जीता के मंत्र को फिर अमल में लाने को कहा है। 2014 के चुनाव में इसी मंत्र से भाजपा सत्ता तक पहुंची थी। 2019 में भी इसी फार्मूले को अपनाया गया और दोबारा सत्तासीन हुई थी। अब तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए रविवार को महानगर में आयोजित अवध क्षेत्र और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 23 लोकसभा सीटों के संयोजकों व सह संयोजकों की बैठक में शाह ने फिर इसी मूल मंत्र को धरातल पर उतारने को कहा।
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आर्यनगर के एक होटल में शाम छह बजे आयोजित बैठक की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी चित्रों पर दीप प्रज्वलित कर हुई। गृहमंत्री इस बात पर विशेष जोर दिया कि भाजपा का हर पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के मतदाताओं से मतदान से पहले तक तीन-तीन बार मिले और उनसे भाजपा को वोट देने की अपील करें। 29 अप्रैल से इसे शुरू करने को कहा।
गृह मंत्री ने कहा कि मतदाताओं से घर-घर जाकर मिलते समय उन्हें आयुष्मान योजना का फार्म भी देना न भूले। इस मौके पर उन्होंने पन्ना प्रमुखों को अपना-अपना पन्ना लेकर घर-घर संपर्क कर लोगों से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। लोकसभा संयोजकों व जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया कि भाजपा का स्टीकर प्रत्येक घर के दरवाजे पर लगाना है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह व प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता ने भी अपनी बात रखी।
बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, प्रदेश महामंत्री संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह, अवध क्षेत्र अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, प्रदेश चुनाव के सह प्रभारी संजीव चौरसिया, सुरेश राणा, लोकसभा चुनाव के इंचार्ज व मंत्री सुरेश खन्ना पूर्व, मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, जेपीएस राठौर, सुरेश राणा, उत्तर जिला अध्यक्ष दीपू पांडे, दक्षिण जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।
सुबह ही डलवा लें परिवार का वोट
शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि अपने परिवारों के वोट सुबह साढ़े दस बजे तक हर हाल में डलवा लें। इसके बाद बाकी मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के काम में जुट जाएं। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने छोटी-छोटी बैठकों पर भी जोर दिया। कहा कि बैठकों का यह सिलसिला मतदान के दो दिन पूर्व तक जारी रखना है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को उन्होंने अनिवार्य बताया।