गैर बैंकिंग वित्तीय कारोबार करने वाली एक और कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आया है। दिल्ली के पते पर पंजीकृत मैसर्स रोन्नी फाइनेंस लिमिटेड ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लोगों को अधिक ब्याज दर पर धन जमा करने का प्रलोभन दे रही है।
हकीकत ये है कि कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से गैर बैंकिंग कारोबार के तहत जमा स्वीकार करने का लाइसेंस नहीं मिला है। आरबीआई ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपने जोखिम पर कंपनी में धन जमा करें।
मैसर्स रोन्नी फाइनेंस लिमिटेड का कार्यालय नई दिल्ली में 261, प्रथम तल, ओखला इंडस्ट्रियल इस्टेट फेज-3 पते पर पंजीकृत है। कंपनी की ओर से लोगों को मोबाइल फोन पर मैसेज और ईमेल करके 18 फीसदी ब्याज दर पर धन जमा करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही गारंटेड वापसी का भरोसा भी दिया जा रहा है।
बड़े पैमाने पर लोगों के धन जमा करने की सूचना पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गैर बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग ने जांच की तो पता चला कि कंपनी के पास जमा स्वीकार करने का लाइसेंस ही नहीं है।
बता दें कि रोन्नी फाइनेंस को 27 अगस्त 2003 को स्वयं के साधनों से लोगों को पर्सनल लोन देने के लिए लाइसेंस (प्रमाण पत्र बी-14.02958) दिया गया था न कि जमा स्वीकार करने का।
कल्याण मनी और भाग्य लक्ष्मी पर नहीं कसा शिकंजा
इससे पहले रिजर्व बैंक ने कर्नाटक की मैसर्स कल्याण मनी प्वाइंट प्राइवेट लिमिटेड और पुणे की मैसर्स भाग्य लक्ष्मी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को फर्जी करार दिया था। ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार करने वाली ये दोनों कंपनियां रिजर्व बैंक का फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र लगाकर व्यवसाय कर रही हैं।
रिजर्व बैंक ने जनता को इन कंपनियों के प्रति आगाह किया था। अधिकारियों का कहना है इन पर कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जा चुका है।
यहां पता करें ः रिजर्व बैंक से पंजीकृत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की सूची विभाग की वेबसाइट www.rbi.org.in/script/nbfc_pub_lic पर उपलब्ध है। इन कंपनियों के अलावा कोई भी कंपनी गैर वित्तीय कारोबार नहीं करती।