फीलखाना के चटाई मोहाल में संदिग्ध हालात में परचून दुकानदार हरीराम गौतम (55) और मनोज कठेरिया (26) की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।
चटाई मोहाल निवासी मनोज कठेरिया नयागंज स्थित प्लास्टिक उत्पादों की दुकान पर काम करते थे। वहीं पड़ोस में रहने वाले हरीलाल गौतम घर के बाहर ही परचून की दुकान लगाते थे। गुरुवार रात दोनों की अचानक हालत बिगड़ गई। दोनों के परिजन उन्हें लेकर पहले उर्सला और फिर हैलट अस्पताल पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद भी परिजनों को संतुष्टि नहीं मिली तो वे उन्हें लेकर एक निजी अस्पताल और फिर कार्डियोलॉजी गए। वहां भी डॉक्टरों ने मौत होने की बात कही। दोनों के परिजन शवों को लेकर घर आ गए। हरीराम के बड़े बेटे रिंकू का कहना है कि पिता आग ताप रहे थे कि वहीं बेहोश होकर गिर पड़े।
मनोज के परिजनों ने बताया कि वह सुलभ शौचालय के पास चक्कर खाकर गिर पड़ा था। उसे अस्पताल ले गए लेकिन बचा नहीं सके। यह चर्चा रही कि दोनों की मौत शराब पीने से हुई है। पास के ही एक ठेके से शराब खरीदी गई थी, लेकिन दोनों के ही परिजन इस बात से इनकार कर रहे हैं।
सीओ ओपी सिंह ने प्रारंभिक जांच के बाद कहा कि दोनों की मौत संदिग्ध प्रतीत होती है, इसलिए पोस्टमार्टम करवाना जरूरी है, पर परिजन तैयार नहीं हैं। उन्हें राजी किया जा रहा है। सवाल है कि एक ही वक्त दोनों की मौत कैसे हो गई?पोस्टमार्टम, पूछताछ और गहराई से जांच के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।