नवाबगंज में गंदा पानी दिखाते क्षेत्रीय लोग।
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कानपुर। जल संकट की हालत देखिए कि गंगा के किनारे के मोहल्ले भी पानी को तरस रहे हैं। गंगा में पानी घटने से किनारे बसे नवाबगंज के कई मोहल्ले पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। खासकर मलिन बस्तियों में वॉटर लाइन न होने से लोगों को हैंडपंपों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। सीवर लाइन लीकेज होने से कई हैंडपंप गंदा पानी उगल रहे हैं। इलाके में करीब दर्जन भर हैंडपंप धड़ाम पड़े हैं। दो महीने पहले लगाए गए पांच नए हैंडपंप भी हवा फेंक रहे हैं।
इलाके के डीपीएस इंटर कालेज ग्राउंड पर आठ साल पहले पानी की टंकी बनी थी, पर आज तक उससे पानी सप्लाई होकर घरों में नहीं पहुंचा। पार्षद के मुताबिक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। कई बार टेस्टिंग के दौरान वीएसडी कालेज चौराहे और घंघरिया बाबा के पास यह फट चुकी है। इससे सड़क भी धंस जाती है।
पानी अनमोल है, इसे बर्बाद न करें
कानपुर साउथ। बाबूपुरवा नमक वाले हाते के लोग पानी खरीद कर पीते हैं सो उसकी कीमत भी अच्छी तरह जानते हैं। यही वजह है कि हाते के कुछ पानी के लिए जागरूक हुए और उसे बचाने की मुहिम शुरू की। हाते की एक महिला हैं आयशा जो न केवल अपने घर से लोगों को मुफ्त पानी देती हैं बल्कि अपने दरवाजे पर ही लिख रखा है कि पानी अनमोल है, इसे बर्बाद न करें। कम खर्च करें, ताकि दूसरों के भी काम आ सके। आयशा की मुहिम पर कुछ और लोगों ने घरों के दरवाजे पर पानी बचाने के संदेश लिखने शुरू कर दिए हैं। आयशा का कहना है कि पानी तो सबकी जरूरत है। सबको बचाना चाहिए। वे तो अपने किराएदारों और पड़ोसियों को भी पानी कम खर्च करने के लिए कहती हैं। उन्होंने बताया कि हाते में लगा हैंडपंप अतिक्रमण के बीच दबकर रह गया है और अब इस्तेमाल के लायक नहीं बचा है।