एएसपी डॉ. संजय कुमार सिंह सोमवार दोपहर थाने पहुंचे। उन्होंने अधीनस्थों के साथ लंबी गुफ्तगू की। पुलिस सूत्र बताते हैं कि रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर जहीर अहमद की ओर से जो मुकदमा लिखाया गया, उसमें कोई ऐसी धारा नहीं है, जिनसे गंभीर घटना की साजिश रचने वालों को सबक मिल सके। ऐसे में पुलिस कुछ और धाराएं बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस दुर्घटना वाले दिन ट्रेन चला रहे चालक के बयान लेने की तैयारी में है। क्योंकि यदि ट्रेन पलटने से हादसा होता, तो चालक दल के अलावा यात्रियों को भी जानमाल का खतरा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। आरपीएफ थाने में दर्ज मुकदमे की जांच कर रहे कन्नौज इंस्पेक्टर ओपी मीना भी पूरे मामले पर नजर रखे हैं।
रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि लकड़ी का लट्ठा इतना मोटा था कि बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बहरहाल सभी की निगाहें थाना पुलिस पर हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक रामौतार ने बताया कि घटना में अहम सुराग हाथ लग गए हैं। शीघ्र ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।