मूक-बधिर जोड़ा विवाह बंधन में बंधे
छोटी गुटैया (स्वरूपनगर) निवासी मूक - बधिर रोशनी के सिर से पिता का साया उठ गया था। मां, भाई राजू रावत और भाभी को उसकी शादी की चिंता सता रही थी। इसी तरह बर्रा-7 निवासी रामबाबू वर्मा अपने मूक - बधिर पुत्र विपिन के लिए 10 साल से बहू तलाश रहे थे। इस जोड़े ने परिजनों के चेहरे पर मुस्कान ला दी।
सामूहिक विवाह समारोह में शादी कराने के नाम पर टप्पेबाजी
सामूहिक विवाह समारोह में सनिगवां कांशीराम कॉलोनी निवासी एक युवती और पुरानी शराब गद्दी (कर्नलगंज) निवासी आकाश एक-दूजे के साथ सात जन्म के बंधन में बंधने के लिए सामूहिक विवाह समारोह पहुंचे। खुशी - खुशी शादी के मंडप पर पहुंचे तो उन्हें शादी करने से रोक दिया गया।
आकाश तिवारी ने बताया कि उसकी शादी सनिगवां स्थित कांशीराम कॉलोनी युवती के साथ तय हुआ थी। हफ्ते भर पहले एक व्यक्ति उनके घर आया। उसने नगर निगम की तरफ से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शादी कराने और वहां 51000 रुपये मिलने का झांसा देकर मां से छह हजार रुपये ठग लिए।
उन्होंने जोन-4 के प्रभारी विद्या सागर यादव, स्वरूपनगर पुलिस से शिकायत और शादी कराने के लिए मिन्नतें कीं, पर जोनल प्रभारी ने यह कहते हुए उनका विवाह कराने से इनकार कर दिया कि उनका नाम सूची में नहीं है। बताया कि 18 फरवरी को होने वाले अगले सामूहिक विवाह समारोह में उनकी शादी हो सकती है।
दुल्हन करती रही इंतजार, नहीं आया पति
ढकनापुरवा निवासी एक युवती शादी के जोड़े में परिजनों के साथ सामूहिक विवाह समारोह में पहुंची। अपनी और होने वाले पति दीपक कुमार के नाम वाली वेदी के पास विवाह के लिए बैठकर होने वाले पति का इंतजार करती रही, लेकिन कंचननगर (शुक्लागंज) निवासी दीपक कुमार पुत्र लाला वहां नहीं आया।
घंटों इंतजार के बाद परिजनों ने दीपक को फोन मिलाया, तो उसने विवाह से इनकार कर दिया। युवती के परिजनों ने बताया कि छह महीने पहले रिश्ता पक्का हुआ था। निराश परिजन नगर निगम से मिले उपहार लौटाकर बैरंग लौट गए।