मिशन रफ्तार के तहत कानपुर लखनऊ रूट पर दिसंबर अंत तक 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलने लगेंगी। सोमवार को परिचालन विभाग के अफसरों ने लखनऊ रूट के कार्यों की समीक्षा की। पूरे रेल सेक्शन को ऑटोमैटिक करने का लक्ष्य दिसंबर 2021 तक तय किया गया है।
दरअसल, लखनऊ से कॉरपोरेट ट्रेन तेजस, स्वर्ण शताब्दी सहित कई एक्सप्रेस सेंट्रल से होकर दिल्ली को आती-जाती हैं। ऐसे में इस रूट को भी हाईस्पीड बनाना जरूरी थी। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों की औसत गति करीब 65 किमी प्रति घंटा है जो क्षमता बढ़ने के साथ औसतन 100 किमी प्रति घंटा हो जाएगी।