झींझक (कानपुर देहात)। आनंद विहार से गया जा रही डाउन लाइन की महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन से नासरसेड़ा फाटक के पास सांड़ टकरा गया। टक्कर तेज होने से सांड़ उछलकर ओएचई लाइन में जा टकराया। इससे छह पोल के तार टूट गए और एक पोल तिरछा हो गया।
हादसे के बाद कई ट्रेनें स्टेशन और आउटर पर खड़ी हो गईं। इससे इन ट्रेनों में सवार यात्री गर्मी और भूख से बेहाल हो गए। ओएचई स्टॉप ने टूटे तार व पोल की मरम्मत शुरू की। देर रात तक दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर डाउन लाइन का यातायात बहाल नहीं हो सका। वहीं लाइन मरम्मत के लिए डीजल इंजन मंगाकर महाबोधि एक्सप्रेस को 8.45 बजे कानपुर के लिए रवाना किया गया। वहीं देर रात तक झींझक स्टेशन से ट्रे न चलने पर यात्रियों ने हंगामा किया।
आनंद विहार से गया जा रही महाबोधि एक्सप्रेस बुधवार की शाम जैसे ही नासरसेड़ा रेलवे फाटक पार कर खंभा नंबर 1078-26 के सामने पहुंची, तभी उसके इंजन से सांड़ टकरा गया। हादसे के बाद सांड़ उछलकर ओएचई लाइन से टकरा गया। इससे छह खंभों के तार टूट गए, वहीं एक पोल भी तिरछा हो गया। हादसे के बाद ट्रेन पांच सौ मीटर आगे खमहैला अंडरपास के पास शाम 05:10 बजे खड़ी हो गई।
अचानक हुई आवाज से ट्रेन मेें सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया और ट्रेन रुकने पर यात्री नीचे उतर गए। महाबोधि एक्सप्रेस के चालक ने सांड़ टकराने की सूचना झींझक स्टेशन कार्यालय पर दी। झींझक स्टेशन मास्टर पुष्पेंद्र सिंह ने सूचना कंट्रोल रूम को दी। इस पर पीडब्ल्यूआई सियाराम बिंद, सिग्नल इलेक्ट्रॉनिक व सिग्नल मेंटेनर शिवनाथ, रूपेश तथा रूरा, फफूंद व कानपुर से आई ओएचई स्टॉप टीम ने टूटे तारों व पोल की मरम्मत शुरू की।
इस दौरान झींझक स्टेशन पर डाउन की बिहार संपर्क क्रांति व झींझक रेलवे फाटक के पास डाउन लाइन की विक्रमशिला एक्सप्रेस खड़ी रही। वहीं अन्य स्टेशनों पर भी डाउन लाइन पर कई ट्रेनें जहां की तहां खड़ी रही। लाइन की मरम्मत के लिए डीजल इंजन मंगाकर महाबोधि एक्सप्रेस को 8.45 बजे कानपुर के लिए रवाना किया गया।
आनंद विहार से गया जा रही डाउन लाइन की महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन में शाम 05:10 बजे सांड़ टकरा गया था। जिससे ओएचई लाइन के पोल व तार टूट गए और दिल्ली-हावड़ा रूट पर डाउन लाइन की कई ट्रेनें खड़ी हो गई। मरम्मत के लिए कानपुर नगर व इटावा से टीम बुलाई गई है।
- वीके मीणा (यातायात निरीक्षक फफूंद)
ग्रामीणों ने पिलाया पानी, आसपास से खरीदा खाने का सामान
झींझक। महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन से सांड़ टकराने के चलते डाउन लाइन पर खड़ी हुई ट्रेनों में सवार यात्रियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। स्टेशन से पहले खड़ी हुई महाबोधि एक्सप्रेस व विक्रमशिला एक्सप्रेस में सवार यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। खमहैला अंडरपास के पास महाबोधि एक्सप्रेस के यात्रियों को गांव के लोगों ने पानी पिलाया। यात्रियों ने गांव की छिटपुट दुकानों से बिस्किट आदि लेकर भूख शांत की।
वहीं झींझक स्टेशन से कुछ दूर पर खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफार्म के आसपास लगी दुकानों पर खाने-पीने का सामान खरीदते नजर आए। बिहार संपर्क क्रांति में सवार यात्री गया बिहार निवासी यदुनाथ ने बताया कि दिल्ली से घर जा रहे थे।
कई घंटे ट्रेन खड़ी रहने से गर्मी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। बनारस निवासी अमित ने बताया कि दिल्ली से वह भी घर जा रहे थे। काफी देर तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण प्लेटफार्म पर भी खानपान की सामग्री बिक गई। (संवाद)
वेंडरों ने मनमाने दाम पर बेचा सामान
झींझक। सांड़ की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुई ओएचई लाइन की मरम्मत के चलते खड़ी हुई ट्रेनों के यात्रियों को चाय-समोसा के लिए मनमाने दाम चुकाने पड़े। मौके को देखते हुए झींझक स्टेशन पर वेंडरों ने भी आमतौर पर पांच रुपये मेें बिकने वाली चाय व समोसा को दस से पंद्रह रुपये तक में बेचा। मजबूरी मेें यात्री भी जेब ढीली करने को मजबूर रहे। (संवाद)