पुखरायां। विकास खंड मलासा के जुनेदपुर स्थित बालाजी धाम में 18 वर्ष से नारियल की होली जलाई जा रही है। जिसमें सवा लाख नारियल जलाए जाते हैं। अभी होली बढ़ रही है। लोग घरों से परिजनों का रोग-दोष निवारण के लिए उतारा कर नारियल व चंदन की लकड़ी लाते हैं। गाय के गोबर के उपले लगाकर होली बढ़ाई जाती है।
पूर्व में लालपुर के केला देवी मंदिर में होली जलती थी। अब 18 वर्ष से इस अनूठी परंपरा का निर्वाहन जुनेदपुर के बालाजी धाम में किया जा रहा है। जनपद के अलावा अन्य जनपदों से होलिका दहन के समय लोग आकर परिक्रमा करते हैं। जुनेदपुर स्थित बाला जी मंदिर के महंत ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि मां केला देवी मंदिर से वैदिक पद्धति से बालाजी धाम परिसर में हेली का स्थानांतरण किया गया था। जहां जनपद के अलावा कानपुर नगर, औरैया, जालौन, हमीरपुर, उन्नाव के अलावा राजस्थान व मध्यप्रदेश से भी भक्त आते हैं।
बताया कि होली में मनौती के अनुसार श्रद्धालु घर से नारियल में लाल टून लपेट कर उतारा करके लाते हैं। जिससे होली बढ़ती रहती है। बालाजी के दर्शन पूजन कर श्रद्धालु पताका लगाते हैं। सभी के सुख-समृद्धि, लोक शांति की कामना से होलिका दहन किया जाता है। प्रधान राकेश यादव ने बताया कि नारियल की होलिका दहन के लिए पहले सी ही लोग नारियल लाने लगते हैं। इसवर्ष करंट से हाल में गांव के युवक की मौत हो गई है। फिलहाल तैयारियां की जा रही हैं।