कानपुर देहात। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली अधिकांश परियोजनाएं जिले में धड़ाम पड़ी हैं। इसका खुलासा जिले के प्रभारी मंत्री की 37 बिंदुओं व 50 लाख से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में हुआ। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए।
प्रदेश के नगर विकास व जिले के प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने बुधवार को विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने पाया कि ज्यादातर परियोजनाएं धनाभाव के कारण पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन से समन्वय स्थापित करते हुए लंबित परियोजनाओं को दिसंबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद में अमराहट कैनाल परियोजना, मेडिकल कालेज निर्माण परियोजना सबसे बड़ी है। इनका कार्य समय पर होना चाहिए। वहीं कस्तूरबा विद्यालय, आईटीआई, पेयजल परियोजना, आश्रम पद्धति विद्यालय व सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण कार्य में भी तेजी लाएं। परियोजनाओं में काम कर रही यूपी सिडको कार्यदायी संस्था के अधिकारी बैठक में मौजूद न होने पर प्रभारी मंत्री खफा दिखे।
वहीं मलासा विकासखंड के जगदीशपुर में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रही गौशाला निर्माण में ठेकेदार अरविंद अग्निहोत्री की लापरवाही प्रकाश में आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया अक्टूबर में फिर बैठक कर समीक्षा की जाएगी। दोबारा लापरवाही करने वाले अधिकारी कड़ी कार्रवाई को तैयार रहें।
इसके पूर्व प्रभारी मंत्री व इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने सर्किट हाउस में पौधरोपण किया। बैठक में सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला, डीएम जेपी सिंह, एसपी केके चौधरी, सीडीओ सौम्या पांडेय, एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, डीडीओ गोरखनाथ भट्ट, डीएफओ अनिल कुमार द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।