कानपुर। भाऊपुर स्टेशन के पास जनसाधारण एक्सप्रेस के मामले में मंगलवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीत सक्सेना प्रयागराज में 120 लोगों के बयान दर्ज करेंगे। इसमें ट्रेन के लोको पायलट, सहायक पायलट, गार्ड, लोको निरीक्षकों से लेकर यात्री व दूसरे रेलकर्मी हैं। बयान दर्ज होने के बाद वह प्राथमिक रिपोर्ट देंगे। हादसा भाऊपुर आउटर यार्ड पर हुआ था।
प्रयागराज मंडल के रेलवे जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पांच अगस्त को सुबह 10:30 बजे से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के संकल्प हॉल में ट्रेन के इंजन में मौजूद टूंडला के लोको पायलट चमन अहमद, लोको निरीक्षक सुनील शर्मा, गार्ड समेत अन्य के बयान दर्ज करेंगे। ट्रेन की रफ्तार समेत दूसरे बिंदुओं पर जानकारी लेंगे। सीआरएस ने शनिवार को टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था। यार्ड के लूप लाइन नंबर-4 के पाइंट चार पर गहनता से जांच की थी। जनसाधारण के हटाए गए तीनों कोचों की जांच न्यू कोचिंग काॅम्प्लेक्स में की थी।
मामले की प्राथमिक जांच में पता चला है कि हादसे से एक घंटा पहले ही लूप लाइन की मरम्मत का काम हुआ था। इससे सिग्नल व टेलीकम्युनिकेशन विभाग की ओर से पाइंट को सुरक्षित रखने, सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से लॉक क्लिप ठीक से नहीं लगाने व लाइन की मरम्मत में अनदेखी के समेत अन्य वजहों पर जांच की जाएगी।
बीते वर्षों में कानपुर परिक्षेत्र में हुए ट्रेन हादसों में किसी की भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसमें 2016 में कानपुर देहात के रूरा स्टेशन के पास अजमेर सियालदह हादसा, 2017 में मंधना के पास ट्रैक को काटकर ट्रेन पलटाने की साजिश, 2019 में रूमा स्टेशन के पास पूर्वा एक्सप्रेस के 15 कोच बेपटरी होने, 2024 में गोविंदपुरी व भीमसेन के बीच साबरमती एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश, शिवराजपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त कराने की साजिश और महाराजपुर में ट्रैक पर सिलिंडर रखने की घटनाएं हैं।