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पकड़े गए बाघ के हत्यारे, गोश्त की पार्टी करने और तस्करी के लिए दी थी मौत, इस बात पर विभाग मौन

Tue, 14 May 2019 09:20 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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बाघ का अंतिम संस्कार करते अधिकारी व ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले की सीमा से सटे मझगवां मध्यप्रदेश के वन क्षेत्र अमिरती बीट पर प्यासे बाघ का करंट से शिकार करने में सात लोग शामिल थे। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। इसमें वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी शिकायत हुई है। जिसके लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। 

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वन्य जीव प्राणी में श्रेणी वन की सूची में शामिल बाघ का रविवार की देर रात को दुधवनिया जंगल के अमिरती बीट मझगवां सतना मप्र में पानी पीने के लिए आते समय करंट लगाकर शिकार किया गया।

मंगलवार को डीएफओ सतना राजीव मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान जब डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचा तो डॉग घटना स्थल से लगभग 500 मीटर दूर रहने वाले राजेश मवासी उर्फ धीरू के घर घुस गया। घर में राजेश भी मिला और उसके घर से सांभर की सींग बरामद हुई। इसके पूर्व वह गांव के अनिल कोल के साथ सांभर का शिकार करने के आरोप में जेल भी जा चुका था। 

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शिकार में बाघ फंसा तो योजना थी कि इसके गोश्त की पार्टी होगी

उससे पूछताछ की गई तो पूरा राज खुला। शिकार के लिए तालाब व नाले के पास डेढ़ फीट ऊंचे लक ड़ी के खूंटे गाड़े गए उसमें दो बार नंगी तार बांधकर करंट प्रवाहित किया गया। इस काम में उसके साथ अमिरती निवासी रज्जन कोल, अनिल कोल, जोला चौधरी, सियाशरण चौधरी व एक अन्य साथ थे। वन कर्मियों की मिली भगत के सवाल पर कुछ नहीं बोले।
 
डीएफओ ने बताया कि इनमें चार को पकड़ा गया है जिन्हें मंगलवार को अदालत में पेश कर दिया गया। अन्य दो की तलाश जारी है। इसके अलावा पूरी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। डीएफओ ने दोहराया कि दो वन कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शरीर के कई हिस्से सुरक्षित रखकर उनका सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। 

इस घटना के बाद पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पहले भी किसी की शादी में सांभर के गोश्त की पार्टी के लिए शिकार करते थे। इस बार जब बाघ शिकार में फंसा तो यही योजना थी कि इसके गोश्त की पार्टी होगी और खाल , नाखून व अन्य सामग्री की तस्करी कर रुपया कमाएंगे।
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