सतना जिले में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व के बाघ हीरा का करंट लगाकर शिकार के मामले में वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर मंगलवार को बाघ की खाल जंगल से बरामद की गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व में दो बाघ हीरा व पन्ना के नाम से प्रसिद्ध थे, जिसमें एक बाघ कुछ दिन से लापता था।
फिलहाल वन विभाग ने बाघ की खाल जांच के लिए भेजी है। दशहरे से पहेल लापता हुए एक बाघ के बारे में ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को बताया था कि एक धान के खेत के पास तार में करंट प्रवाहित कर बाघ का शिकार किया गया।
उधर, पन्ना रिजर्व टाइगर के अधिकारी बाघ की तलाश करते हुए जब सिंहपुर के पास पहुंचे तो ग्रामीणों से जानकारी कर खोजबीन शुरू की। टीम को एक स्थान पर बाघ के शरीर पर लगी कालर आईडी मिली। जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि बाघ यहां जरूर आया है।
इसके बाद शरीर के अवशेष तालाब में फेंके जाने के शक के आधार पर तालाब में खोजबीन की तो वन विभाग की टीम को सिर व शरीर की कई हडिड्यां बरामद हुई थीं। सतना वन विभाग के एसडीओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि संदेह के आधार पर अमदरी के तीन शिकारी रामप्रकाश बागरी, कृष्णा कोल व मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया है।