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यूपी: मनीष गुप्ता हत्याकांड में सीबीआई ने दर्ज की रिपोर्ट, इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों पर है हत्या का आरोप

Tue, 02 Nov 2021 09:15 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

27 सितंबर की रात गोरखपुर के कृष्णा पैलेस होटल में मनीष की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस वालों पर हत्या का आरोप है। इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी जेल भेजे जा चुके हैं।
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मनीष गुप्ता की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मनीष गुप्ता हत्याकांड में मंगलवार को सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीबीआई ने उनकी पत्नी मीनाक्षी की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। इसमें तीन नामजद व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया। अब सीबीआई नए सिरे से एक-एक बिंदु पर पड़ताल करेगी।
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जल्द सीबीआई गोरखपुर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण भी करेगी। कानपुर में बर्रा निवासी मनीष के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेगी और उन्हें एफआईआर कॉपी भी सौंपेगी। बर्रा तीन निवासी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की रात गोरखपुर स्थित होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे थे।

उनके साथ गुरुग्राम निवासी दोस्त हरवीर सिंह व प्रदीप कुमार भी थे। आधी रात को रामगढ़ताल थाने के इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह व उनकी टीम ने दबिश दी थी। आरोप है कि कहासुनी के दौरान पुलिसकर्मियों ने मनीष की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
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पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया था लेकिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। जब मुख्यमंत्री कानपुर आए थे, तब मीनाक्षी ने उनके सामने भी यही मांग रखी थी। उसी आधार पर शासन ने सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
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इसी क्रम में सीबीआई लखनऊ यूनिट ने मंगलवार को हत्या की धारा में केस दर्ज किया। केस मीनाक्षी की उसी तहरीर पर दर्ज किया गया, जिस पर पुलिस ने एफआईआर लिखी थी। इसलिए केस में इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया है। 

मीनाक्षी बोलीं... अब न्याय मिलने का भरोसा 
एफआईआर दर्ज होने की जानकारी के बाद मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि अब उनको भरोसा है कि न्याय मिलेगा। दोषियों को सजा मिलेगी। अब सरकार ने उन सभी मांगों को पूरा कर दिया है, जो उन्होंने मांगी थीं। 

अब तक एसआईटी कर रही थी जांच
मीनाक्षी ने गोरखपुर पुलिस पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद शासन के आदेश पर एडिशनल सीपी क्राइम आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ही केस की विवेचना कर रही थी। एसआईटी सभी छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है। तमाम अहम साक्ष्य भी जुटाए हैं। केवल चश्मदीदों के कोर्ट में बयान होने बाकी थे। काफी हद तक जांच पूरी कर ली थी। मगर अब जांच सीबीआई अपने स्तर से करेगी। 
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