ट्रेन की चपेट में आने से मृत पड़ा बाघ
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चित्रकूट के जंगलों से भटक कर रेल लाइन पर पहुंचे एक बाघ की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। कोहरे के कारण मालगाड़ी का चालक इसे देख नहीं पाया और हादसा हो गया। रविवार तड़के चार बजे की यह घटना जिले के सीमावर्ती मझगंवा (सतना, मध्य प्रदेश) थाना क्षेत्र के चिटहरा रेल लाइन के पास की है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सतना ले गई है। चित्रकूट के रानीपुर वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र से भटका एक बाघ मध्य प्रदेश की ओर निकल गया। रविवार तड़के चार बजे मुंबई हावड़ा रेल मार्ग से गुजरी मालगाड़ी की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। सुबह लगभग छह बजे चित्रकूट से सतना जा रही महाकौशल एक्सप्रेस के चालक व गार्ड ने पटरी के पास बाघ का शव देख सतना स्टेशन जाकर सूचना दी।
जानकारी मिलते ही रेलवे और वन विभाग की टीमें चिटहरा रेल लाइन के पास पहुंचीं। वन विभाग की टीम मृत बाघ को वाहन में लादकर सतना ले गई। डीएफओ सतना आरबी शर्मा ने बताया कि नर बाघ था। उसकी उम्र लगभग चार साल की थी। शायद बाघ भी कोहरे की वजह से मालगाड़ी की चपेट में आ गया। पूरी संभावना है कि यह बाघ चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र के जंगल की ओर से आया था। उसके शव का सतना में पोस्टमार्टम कराया गया है।