मुंबई की तीन बहनों ने आयशा हेल्पलाइन (9454463475) पर फोन कर बताया कि उनके माता-पिता तीनों बहनों का निकाह न होने से परेशान हैं। बताया कि उनके पिता शिक्षक पद से रिटायर है। उनकी पेंशन बीमार मां-बाप के इलाज में ही खर्च हो जाती है।
मुसलमानों ने महंगी शादियां करके माहौल इतना खराब कर दिया है कि अब लोग गरीब बेटियों से शादी नहीं करना चाहते हैं। ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के महासचिव हाजी मोहम्मद सलीस ने यह टिप्पणी मुंबई की उन तीन बहनों की गुजारिश पर की है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने के संबंध में मुफ्तियों से फतवा मांगा है।
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महिलाओं के मामलों को हल करने के लिए बनाई गई आयशा हेल्पलाइन (9454463475) पर फोन कर बताया कि उनके माता-पिता तीनों बहनों का निकाह न होने से परेशान हैं। बताया कि उनके पिता शिक्षक पद से रिटायर है। उनकी पेंशन बीमार मां-बाप के इलाज में ही खर्च हो जाती है।
गरीबी की वजह से रिश्ते न आने से पिता देर रात अक्सर उठकर तहज्जुद की नमाज में रो-रोकर दुआएं करते हैं। उनकी बेबसी देखी नहीं जाती, उन्हें आत्महत्या की अनुमति दी जाए। हालांकि हेल्पलाइन के मुफ्तियों ने जवाब दिया है कि आत्महत्या करना हरगिज गलत है। आत्महत्या करना गुनाह है।
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बताया कि उनसे कोई गलत कदम न उठाने को कहा गया है। हाजी मोहम्मद सलीस ने बताया कि ऐसी ही बेटियों के लिए आसान निकाह मुहिम चलाई जा रही है। उन बेटियों की मदद के लिए कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। उन्हें अच्छा रिश्ता भी बताया जाएगा।