कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज के पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह व डॉ. विमल यादव की नोटों की गड्डियों संग तस्वीर वायरल होने के मामले में प्राचार्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम जांंच कर रही है। मामले में पूर्व प्राचार्य समेत तीन कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। टीम ने लगभग अपनी जांच पूरी कर ली है। माना जा रहा है कि कई पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे प्रकरण को लेकर कोषाधिकारी और दो डॉक्टरों की टीम ने जांच की है। डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. विमल और फार्मासिस्ट दिनेश कुमार के बयान लिए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज भी चेक कराए जा रहे हैं, इसके साथ ही कुछ अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि प्राचार्य के कमरे में कब-कब कौन कौन आया। टीम ने कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई है। इसकी जांच रिपोर्ट बनाकर शासन भेजी जाएगी। जरूरत पड़ी तो फोटो वायरल करने के मामले में साइबर क्राइम को लेकर जांच कराई जाएगी। इसके लिए भी शासन को लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। पूरे प्रकरण में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनपर कार्रवाई होगी।
बता दें कि 20 जुलाई को सोशल मीडिया पर डॉ. हरप्रीत सिंह व डॉ. विमल के पास नोटों की गड्डियां रखे होने की तस्वीर वायरल हुई थी। इसके बाद महकमे खलबली मच गई थी। साथ ही उन पर कई गंभीर आरोप लगे थे। मामले को संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डॉ. हरप्रीत सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे। वहींं, मेडिकल कॉलेज प्रबंंधन ने अपने स्तर पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करानी शुरू की थी।