आर्थिक नुकसान के साथ आंतरिक सुरक्षा को था खतरा
तीसरा एक्सचेंज शाहिद ने मिर्जा असद की मदद से शुरू किया, जिसके लिए असद ने जरीब चौकी के पास स्थित नवाब साहब का हाता गांधीनगर में एक मकान किराये पर लिया था। इन अवैध एक्सचेंज से न केवल केंद्र सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी खतरा था।
रिटेलर्स की भी जानकारी जुटा रही एटीएस
एटीएस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इन एक्सचेंज के जरिये आतंकवादी संगठनों ने तो देश में बैठे अपने लोगों से संपर्क नहीं किया। साथ ही उन रिटेलर्स की भी जानकारी जुटा रही है, जिन्होंने सिम मुहैया कराए। बता दें हाल में एटीएस ने कानपुर से बांग्लादेशियों और रोहिंग्या नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
यह सामान मिला
दोनों आरोपियों के पास से 17 सिम बॉक्स, चार राउटर-मॉडम, छह मोबाइल, दो लैपटॉप, एयरटेल व बीएसएनएल के 4059 प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड, केवल, इन्वर्टर, पॉवर केवल, चार्जर एडाप्टर, यूएसबी केबल, पॉवर एक्सटेंशन बोर्ड आदि सामान बरामद हुआ है।
एक्सचेंज का सरगना मुंबई निवासी नाजिम फरार
अवैध एक्सचेंज का सरगना मुंबई का शिवाजीनगर निवासी नाजिम नसीम खान उर्फ नाजिम पटेल फरार है। उसकी तलाश में एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड) की एक टीम मुंबई के लिए रवाना हो गई है। एटीएस का दावा है कि बरामदगी के आधार पर यह अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।