कानपुर में निमोनिया से शनिवार को एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि सांस फूलने के लक्षणों वाले कई मरीजों को गंभीर हालत में हैलट के इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। वायरल फीवर से मरीजों का सांस तंत्र फेल हो रहा है।
सांस की दिक्कत से शरीर में ऑक्सीजन लेवल घट जा रहा है। वायरल संक्रमण के बाद डायरिया के चपेट में आए मरीजों के गुर्दों में समस्या आ रही है। जिससे डायलिसिस करानी पड़ रही। चकेरी निवासी विष्णु के एक साल के बेटे गुड्डू की निमोनिया से मौत हो गई।
गुड्डू को तीन दिन पहले बुखार आने के बाद सीने में जकड़न हो गई। उसे बालरोग अस्पताल की ओपीडी में दिखाया गया था। आवास विकास के विनोद (55) की भी निमोनिया से जान चली गई। उन्हें कई दिनों से वायरल फीवर आ रहा था।
इसी तरह नवाबगंज की आरती देवी (65) की भी निमोनिया से मौत हो गई। उनका सांस तंत्र भी फेल हो गया था। हैलट के मेडिसिन के प्रोफेसर जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरल फीवर के बाद रोगियों की सांस में दिक्कत आ रही है। साथ ही टायफायड के रोगी भी आ रहे हैं।