परिजनों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार
ट्रैक पर शव पड़े देख, चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और बराती एकत्रित हो गए। सूचना पर सीओ अरुण कुमार और इंस्पेक्टर अमर पाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। गांव में मातम पसरा है।
इकलौता पुत्र था रितिक, दो चचेरे भाई
जनपद मैनपुरी थाना भोगांव के गांव सालमपुर निवासी धीरेंद्र का रितिक (13) इकलौता पुत्र था। धीरेंद्र मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। यही नहीं हरिओम और विनीत दोनों ही आपस में चचेरे भाई थे। यह दोनों परिजनों को बिना बताए ही बरात में चले आए। यह दोनों दोस्त होने के नाते परिवार के रितिक को भी अपने साथ ले आए थे।
बरात से 100 मीटर दूर हुई दुर्घटना
जिस स्थान पर बरात रुकी थी...वहां से घटनास्थल की दूरी बमुश्किल 100 मीटर है। रेलवे लाइन की पोल संख्या 1300 और 1301 के बीच तीनों किशोरों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़े मिले।
गमगीन माहौल में पूरी हुई विवाह की रस्में
ट्रेन से तीन बराती किशोरों के कटने की सूचना के वक्त तक घर में भात पहनने की रस्म पूरी की जा रही थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही हंसी खुशी के कार्यक्रमों को रोक दिया गया। करीब तीन घंटे बाद दोबारा गमगीन माहौल में विवाह की शेष रस्में पूरी की गईं। पूरे गांव में मातम सा पसर गया।