प्रथमदृष्ट्या चोट व घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। फिर कानपुर व औरैया की फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए तो पर्याप्त साक्ष्य संदिग्ध मिले। बिधूना कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम ने मामले की गंभीरता से जांच की। सख्ती करने पर संजय ने बताया कि उसका व आरोप में फंसे तीनों के बीच मुकदमा चल रहा है। दबाव बनाकर राजीनामा करने के लिए उसने बेटे अनुराग के साथ षड्यंत्र रचा। नीरज पांडेय नाम के व्यक्ति से कारतूस लिया और झोलाछाप दीवान सिंह के पास जाकर कंधे पर सूजे से छेद कराकर गोली रखवा ली।
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पिता संजय, बेटे अनुराग व झोलाछाप दीवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर षड्यंत्र रचने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस अवैध कारतूस उपलब्ध कराने वाले नीरज की तलाश में लगी है। खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने दस हजार रुपये से पुरस्कृत करने की घोषणा की।
जेल में बनाई थी हत्या के प्रयास में फंसाने की योजना
आरोपी अनुराग ने बताया कि विपक्षियों ने 2019 में अनुराग व उसके परिवार पर हत्या, छेड़छाड़, षड्यंत्र रचने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अनुराग जेल गया था। इसके बाद उसने भी वर्ष 2021 में अपने विपक्षियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा ठठिया थाने में दर्ज कराया था। हत्या के मामले में दबाव बनाकर राजीनामा कराने के संबंध में विपक्षियों को फंसाने के लिए गांव के नलकूप के पास योजना बनाई थी।