भगवान शनि 6 सितंबर को प्रात: 5:54 बजे मूल नक्षत्र में मार्गी हो जाएंगे। इसके साथ ही पुन: मकर राशि वालों की साढ़े साती शुरु हो जाएगी तथा तुला राशि वालों की समाप्त हो जाएगी।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
डेमो पिक
हर वर्ष भगवान शनि लगभग 120 से 140 दिन के लिए वक्री होते हैं। 18 अप्रैल 2018 को शनि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में वक्री हुए थे। अब 6 सितंबर से लेकर 1 मई 2019 तक मार्गी रहेंगे। इसके साथ ही शनि संबंधी व्यापार में अड़चन होगी। महामहोपाध्याय आदित्य पांडेय और पंडित अजय गौड़ ने बताया कि शनि जब मार्गी होेंगे तो शनि के आगे मंगल और केतु बैठे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
डेमो पिक
ऐसे में मंगल और केतु भगवान शनि का रास्ता रोकेंगे। इससे शनि संबंधी कार्यों में आसानी से सफलता नहीं मिलेगी। जब मंगल मकर को छोड़ कुंभ में जाएगा तब शनि संबंधी कार्यों में कुछ राहत होगी।
अागे की स्लाइड में पढ़ें- राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव...
राशियों पर प्रभाव
4 of 7
डेमो पिक
मेष- संतान संबंधी कष्ट, स्थान परिवर्तन से लाभ वृष- शत्रुता में वृद्धि, कार्य क्षेत्र में ठहराव मिथुन- अविवाहित लोगों के विवाह के संकेत, कानूनी अड़चनों से मुक्ति कर्क- अकस्मात धन लाभ से बिगड़े काम बनेंगे
विज्ञापन
5 of 7
डेमो पिक
सिंह- संतान संबंधी कष्ट, अकस्मात स्थान परिवर्तन कन्या- कार्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव एवं आय के नए अवसर तुला- परिवार में चली आ रही समस्याओं का अंत, गृह खर्च बढ़ेंगे वृश्चिक- आय के नए स्रोत, पुराने विवादों का अंत
विज्ञापन
6 of 7
डेमो पिक
धनु- अकस्मात धन लाभ एवं व्यापार में वृद्धि मकर- हड्डियों से संबंधित कष्ट, कानूनी में अड़चनें कुंभ- पाटर्नरशिप से लाभ एवं आमदनी में बढ़ोत्तरी मीन- परिवार या कुटुंब में तनाव, सरकारी उत्पीड़न
हर ग्रह की अपनी एक स्वयं चाल होती है। उस चाल से जब वह चलता है तो मार्गी कहलाता है। जब उस ग्रह की चाल पृथ्वी की गति से कम हो जाती है तब वह वक्री महसूस होता है। अब भगवान शनि वास्तविक चाल में आएंगे।