ऐसे में जब झांसी रूट की ट्रेनों को हरी झंडी मिलती तो दिल्ली की ट्रेनें एक के पीछे एक खड़ी हो जाती थीं। अब दोनों लाइनें स्वतंत्र हैं। इसके अलावा स्टेशन पर कोच इंडिकेशन बोर्ड, ट्रेनों की जानकारी देने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले, फ्रीजर, नई लूप लाइनें और प्लेटफार्मों का सुधार हो चुका है। वाटरिंग सिस्टम के लिए ट्रैक के बीच पाइप लगा दिए गए हैं। इसका कनेक्शन ओवरहेड टैंक से होगा। कानपुर के सांसदों ने रेलवे अफसरों से यहां पर फूड प्लाजा, वीआईपी यात्री प्रतीक्षालय भी जल्द बनाने की मांग की है।
कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों का लोड बहुत है। लंबी दूरी की कई नियमित और स्पेशल ट्रेनें अब सेंट्रल के बजाय गोविंदपुरी से ही प्रयागराज रूट पर आनाजाना कर रही हैं। गोविंदपुरी को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। वाटरिंग सिस्टम का काम पूरा होने वाला है। इससे ट्रेनों के कोचों में पानी भरने की सुविधा होगी। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, निदेशक, कानपुर सेंट्रल