फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सच की तलाश: स्वामी प्रकाशानंद की मौत के मामले की होगी जांच, करोड़ों की संपत्ति का विवाद या कुछ और...

Fri, 11 Jun 2021 04:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिठूर के लवकुश नगर स्थित आश्रम एक बीघे में बना है। आश्रम के महंत स्वामी प्रकाशानंद के निधन के बाद से कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। आश्रम की कीमत चार से पांच करोड़ बताई जा रही है।
विज्ञापन
बिठूर लवकुश नगर स्थित शिवधाम आश्रम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में बिठूर के लवकुशनगर स्थित अखंड शिवधाम आश्रम के स्वामी स्वयं प्रकाशानंद की मौत के मामले की पुलिस जांच करेगी। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि मौत के पीछे कोई साजिश तो नहीं थी। इस संबंध में स्वामी ब्रजानंद अवधूत ने गुरुवार को पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है।
विज्ञापन


इसमें स्वामी प्रकाशानंद की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई गई है। सीपी ने जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्वामी ब्रजानंद अवधूत और डॉ. रेनू तिवारी के बीच आश्रम पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। स्वामी ब्रजानंद ने स्वामी प्रकाशानंद की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 
विज्ञापन

पुलिस कमिश्नर ने पूरे मसले को गंभीरता से लिया है। सीपी का कहना है जल्द इसमें जांच अधिकारी तय किया जाएगा। अफसर पूरी जांच कर रिपोर्ट देंगे। उसी आधार पर कार्रवाई होगी। विश्व हिंदू परिषद ने भी सीपी को एक ज्ञापन सौंपा है। आश्रम को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। इस दौरान विहिप के जिला मंत्री अभिषेक दीक्षित, बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख आशीष गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

कब्जे के विवाद के लिए जांच कमेटी गठित 
बिठूर के अखंड शिवधाम आश्रम पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद अब पुलिस-प्रशासन मिलकर निपटाएगा। एडीएम सिटी और डीसीपी पश्चिम को जांच सौंपी गई है। जिलाधिकारी आलोक तिवारी और पुलिस कमिश्नर ने यह दो सदस्यीय टीम गठित की है। पिछले एक महीने से इस मामले में विवाद चल रहा है।

एक तरफ स्वामी ब्रजानंद अवधूत तो दूसरी तरफ डॉ. रेनू तिवारी आश्रम पर दावा कर रही हैं। पुलिस को शुरुआत में कुछ दस्तावेज दोनों पक्षों ने भेजे थे, लेकिन वो दस्तावेज पर्याप्त नहीं है। अब सभी शिकायतों की जांच यही कमेटी करेगी। दोनों अधिकारी जल्द ही प्रकरण में विवाद की असली वजह पता करके और इसका हल निकालकर अफसरों को रिपोर्ट सौंपेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें