कानपुर। 22 साल बाद हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का सीधा असर जिले की मतदान व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। मतदाता सूची से करीब नौ लाख नाम कम होने के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों का दोबारा सत्यापन कराया है। इसके आधार पर जिले में 36 पोलिंग बूथों को समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिले में पहले 3770 पोलिंग बूथ थे अब इनकी संख्या घटकर 3734 रह जाएगी। जिला प्रशासन ने मतदान बूथों की प्रस्तावित सूची जारी की थीं, जिस पर आमजनों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। इन्हें दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता होने चाहिए। एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन हुआ। कई बूथों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित मानक से काफी कम हो गई जिसके चलते ऐसे बूथों का पुनर्गठन किया गया। कम मतदाता वाले बूथों को समीपवर्ती बूथों में समायोजित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एसआईआर अभियान शुरू होने से पहले जिले में 35.38 लाख मतदाता दर्ज थे। विशेष पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर 26.36 लाख रह गई है। यानी मतदाता सूची से लगभग 9.02 लाख नाम कम हुए हैं। मतदाताओं की संख्या में आई इस बड़ी कमी के कारण बूथों के पुनर्गठन की आवश्यकता पड़ी थी। 28 जुलाई को बूथों का अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा। प्रशासन का दावा है कि पुनर्गठन से मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप हो सकेगी।
विधानसभा वर्तमान बूथ पुनर्गठन के बाद बूथ
बिल्हौर 480 470
बिठूर 434 433
कल्याणपुर 360 358
गोविंद नगर 350 347
सीसामऊ 275 275
आर्यनगर 298 294
किदवईनगर 350 347
कैंट 352 349
महाराजपुर 476 470
घाटमपुर 395 391
वर्जन-
मतदाता सूची प्रकाशन के बाद बूथों का भी दोबारा सत्यापन कराया गया था जिसको लेकर आए आपत्तियों और सुझाव के आधार पर कूछ बूथों की संख्या में कमी आई है। जल्द ही फाइनल सूची जारी की जाएगी। - डॉ. विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त