इटावा। मुल्क को आजाद कराने में हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर आजादी की जो लड़ाई लड़ी थी, उस सांझी विरासत को बचाने के लिए फिर एक बार इंकलाबी जज्बे के साथ सड़कों पर उतरने की जरूरत है। यह बात मौलाना आजाद सामाजिक एकता समिति के तत्वावधान में कराए गए अगस्त क्रांति दिवस समारोह में शनिवार को समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई के वक्त अंग्रेजों से मिले हुए थे। आज फिर देश में फिरकापरस्ती और नफरत को बढ़ावा देकर समाज की बांटने में लगे हुए हैं इसलिए यह जागने का वक्त है, यदि हम सोए रहे तो हमारे क्रांतिकारियों ने जो सपने देखे थे। वह चूर-चूर हो जाएंगे।
पूर्व सांसद मो. अदीब ने कहा कि गांधी का हिंदुस्तान, गोडसे का हिंदुस्तान बनता जा रहा है इसलिए ये वक्त फैसले का है कि एक इंकलाब फिर से शुरू होना चाहिए ताकि सांझी विरासत वाला हिंदुस्तान बचा रह सके। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मो. अनीस अंसारी, अंजारुल हसन, मो. इलियास एवं मो. रिजवान अहमद ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए विचार रखे।
समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता राज बहादुर सिंह यादव एडवोकेट ने की। संचालन संस्था के अध्यक्ष और संयोजक जमील कुरैशी ने आजादी के आंदोलन के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। सभी का आभार जताया।