इससे तंग होकर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे वह इंस्टीट्यूट पहुंचा और चौथी मंजिल पर चढ़कर अंदर से दरवाजा बंद करते हुए आत्महत्या की धमकी दी, तो प्रधानाचार्य डॉ. दीप्ति तिवारी व स्टॉफ के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने डॉ. विकास शुक्ला के साथ ही कल्याणपुर पुलिस को सूचना दी। इस पर एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला और फजलगंज फायर स्टेशन से विनोद कुमार पांडेय गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे और छात्र के पिता को सूचना दी।
साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम पांच बजकर 30 मिनट पर इंस्टीट्यूट प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही छात्र प्रांशु नीचे उतरकर आया। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगी इसके बाद उसे डाॅक्टर के पास ले जाया गया। एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रधानाचार्य ने इंस्टीट्यूट के लेटरहेड पर लिखित रूप से उसके हाईस्कूल के अंकपत्र पर दिलवाने का आश्वासन दिया है।
पूर्व प्रधानाचार्य पर लगाया आरोप, बताई मजबूरी
प्रधानाचार्य डॉ. दीप्ति तिवारी ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले ही कार्यभार संभाला है। इससे पूर्व यहां पर सुजाता सैनी प्रधानाचार्य थी, जो करीब 40 छात्रों के मूल अंकपत्र , इंस्टीट्यूट के महत्वपूर्ण दस्तावेज ले गई थीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं की फीस का भी धोखाधड़ी कर गबन किया था। इसे लेकर डॉ. विकास शुक्ला ने सुजाता सैनी व उनके पति समेत तीन के खिलाफ कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।